धार्मिक प्रवृत्ति के पीएल शर्मा अपने पीछे एक बेटे अरुण को छोड़ गए हैं जिन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं अरुण शर्मा ने बुद्धवार को ही अपनी मां का अंतिम संस्कार किया था जिसके बाद पिता का को कंधा देने के बाद उन्हें भी मुखाग्नि दी है ।
शिव मंदिर शिमला में हुए भारी भुस्खलन में जहां कई लोगों ने अपनी जान गवाई है तो वहीं मलबे की चपेट में आकर लापता हुए लोगों को एनडीआरफ व एसडीआरएफ की टीमें लगातार ढूंढने में जुटी हुई है. वहीं इस प्राकृतिक आपदा के दौरान बिलासपुर से संबंध रखने वाले प्रोफेसर पीएल शर्मा, उनकी धर्मपत्नी व एक बेटा भी मलबे की चपेट में आ गए थे. जिसके बाद उनकी धर्मपत्नी का शव तो बरामद हो गया था मगर प्रोफेसर पीएल शर्मा का शव वीरवार को ही मलबे में दबा मिला था. वहीं प्रोफेसर का शव बरामद होने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए आज उनके घर बिलासपुर लाया गया है मगर वहीं प्रोफेसर पीएल शर्मा के बेटे ईशा का अभी तक लापता है.
धार्मिक प्रवृत्ति के पीएल शर्मा अपने पीछे एक बेटे अरुण को छोड़ गए हैं जिन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं अरुण शर्मा ने बुद्धवार को ही अपनी मां का अंतिम संस्कार किया था जिसके बाद पिता का को कंधा देने के बाद उन्हें भी मुखाग्नि दी है।वहीं प्रोफेसर पीएल शर्मा के निधन से जहां पूरे क्षेत्र में शौक की लहर है तो वहीं उनके अंतिम संस्कार में राज्यसभा सांसद डॉक्टर सिकंदर कुमार, बिलासपुर सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल सहित काफी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया है. वहीं डॉक्टर सिकंदर कुमार ने कहा कि यह दुखद घड़ी है जब प्रोफेसर पीएल शर्मा का परिवार आपदा के ग्रास बन गया है.
