Himachal Panchayat Elections: Reservation roster to be released before March 25, seat allocation to be clear
हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों (Panchayat Elections) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं (Panchayati Raj Institutions) के चुनाव के लिए सीटों का आरक्षण रोस्टर (Reservation Roster) 25 मार्च से पहले जारी किया जाएगा। रोस्टर जारी होते ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि किन पंचायत सीटों को महिलाओं, अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) और अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) वर्ग के लिए आरक्षित किया जाएगा और कौन-सी सीटें सामान्य वर्ग (General Category) के लिए खुली रहेंगी।
आरक्षण रोस्टर चुनावी समीकरण तय करने में अहम
पंचायत चुनावों से पहले आरक्षण रोस्टर को सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जाता है। इसी के आधार पर गांवों में चुनावी समीकरण तय होते हैं और संभावित उम्मीदवारों की रणनीति भी इसी पर निर्भर करती है।
जैसे ही रोस्टर जारी होगा, प्रदेश के गांव-गांव में चुनावी हलचल तेज होने की संभावना है और संभावित दावेदार खुलकर मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर देंगे।
सभी जिलों के उपायुक्तों को दिए गए निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग (Rural Development Department) के सचिव सी. पालरासु ने बताया कि पंचायत चुनावों की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उन्होंने कहा कि 25 मार्च से पहले आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया जाएगा। साथ ही सभी जिलों के उपायुक्तों (Deputy Commissioners) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया को तय समय में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया जारी
पंचायत चुनावों से पहले प्रदेश में नई पंचायतों के गठन (New Panchayat Formation) की प्रक्रिया भी जारी है। सरकार ने 18 मार्च तक नई पंचायतें बनाने के प्रस्ताव स्वीकार करने का फैसला लिया है।
अब तक पूरे प्रदेश से लगभग 800 नई पंचायतों के गठन के लिए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
चार चरणों में 197 नई पंचायतों का गठन
पंचायतीराज विभाग की ओर से अब तक चार चरणों (Four Phases) में 197 नई पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है।
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पहले चरण में – 4 पंचायतें
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दूसरे चरण में – 39 पंचायतें
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तीसरे चरण में – 93 पंचायतें
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चौथे चरण में – 61 पंचायतें
इन नई पंचायतों के गठन के बाद प्रदेश में कुल पंचायतों की संख्या बढ़कर 3774 हो गई है।
लगातार दो बार आरक्षित सीटें होंगी सामान्य
हाल ही में हुई राज्य मंत्रिमंडल (State Cabinet) की बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। इसके तहत जो पंचायत सीटें लगातार दो बार महिलाओं, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित रही हैं, वे इस बार सामान्य वर्ग के लिए खोली जाएंगी।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से पंचायत चुनावों में अधिक लोगों को भाग लेने का अवसर मिलेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया (Democratic Process) को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
