Jaundice outbreak escalates in Hamirpur, 39 infected, including 14 students; Health Department on alert
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में पीलिया (Jaundice) के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। पिछले चार-पांच दिनों में बड़ू क्षेत्र और आसपास के गांवों से कुल 39 मामले सामने आने के बाद इलाके में चिंता का माहौल है। संक्रमितों में सरकारी स्कूल स्वाहल के 14 विद्यार्थी भी शामिल हैं।
16 फरवरी को सामने आया पहला मामला
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पीलिया का पहला मामला 16 फरवरी को रिपोर्ट हुआ था। इसके बाद संक्रमण धीरे-धीरे बढ़ता गया और अब यह बड़ू क्षेत्र से निकलकर कई अन्य गांवों तक पहुंच गया है।
कई गांवों में फैल रहा संक्रमण
स्वाहल, बड़ू और मोहीं के अलावा बलीह, मझोट, रोपा, कथाल और आसपास के क्षेत्रों से भी पीलिया के मरीज सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दो मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भर्ती कराया गया है। करीब 25 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 12 मरीजों का उपचार घर पर ही चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग (Health Team) अलर्ट
बीएमओ हमीरपुर डॉ. रमेश रत्न ने बताया कि पीलिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। रोजाना पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं और लोगों को पानी उबालकर पीने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
पेयजल योजना के सैंपल जांच के लिए भेजे
संबंधित पेयजल योजना के स्रोत और सप्लाई लाइन से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि संक्रमण के स्रोत का पता लगाया जा सके।
पेयजल योजना की सफाई शुरू (Water Supply Check)
प्रारंभिक जांच में एक पानी का सैंपल दूषित पाया गया है। इसके बाद पानी की गुणवत्ता की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। एहतियात के तौर पर पेयजल योजना की सफाई का काम शुरू किया गया है और कुछ समय के लिए पानी की आपूर्ति भी बंद कर दी गई है।
फैक्ट्रियों के अपशिष्ट पर उठे सवाल
स्थानीय निवासी विवेक का कहना है कि क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा पानी भी इस समस्या का बड़ा कारण बन रहा है। उनके अनुसार इंडस्ट्रियल एरिया से निकलने वाला अपशिष्ट पेयजल स्रोतों को दूषित कर रहा है, जिससे पीलिया के मामले बढ़ रहे हैं।
घर-घर जाकर जांच कर रही टीमें
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं। साथ ही लोगों को उबला हुआ पानी पीने, साफ-सफाई रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। संक्रमण को रोकने के लिए क्लोरीन की दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं।
बीमारी फैलने के कारणों की जांच जारी (Investigation)
जल शक्ति विभाग के एक्सईएन राजेश गर्ग ने बताया कि स्वाहल और आसपास के क्षेत्रों में पीलिया फैलने की सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी के सैंपल एकत्र किए हैं। बीमारी फैलने के कारणों की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और उसी के अनुसार आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
