हिमाचल में खुलेंगे 6 नए मिल्क प्लांट , 400 करोड़ के प्रोजेक्ट से दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा बड़ा फायदा

कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में दूध उत्पादन (Milk Production) को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन (Himachal Pradesh Milk Federation) जल्द ही राज्य में छह नए मिल्क प्लांट  स्थापित करेगा। इन परियोजनाओं पर लगभग 400 करोड़ रुपए (₹400 Crore Project) खर्च किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों (Dairy Farmers) को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

Six new milk plants will open in Himachal, a ₹400 crore project that will significantly benefit milk producers.

कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में दूध उत्पादन (Milk Production) को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन (Himachal Pradesh Milk Federation) जल्द ही राज्य में छह नए मिल्क प्लांट  स्थापित करेगा। इन परियोजनाओं पर लगभग 400 करोड़ रुपए (₹400 Crore Project) खर्च किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों (Dairy Farmers) को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

यह जानकारी मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर (Dhalpur) स्थित देव सदन  में आयोजित दूध उत्पादन प्रशिक्षण शिविर  के दौरान दी।


250 से अधिक किसानों ने लिया प्रशिक्षण 

देव सदन में आयोजित इस एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर (One-Day Training Camp) में जिला कुल्लू की 52 दुग्ध सहकारी समितियों  से जुड़े 250 से अधिक किसानों ने भाग लिया।

इस दौरान नेशनल डेयरी ट्रेनिंग बोर्ड (National Dairy Training Board) से आए विशेषज्ञ अधिकारियों ने किसानों को दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन प्रबंधन  के बारे में विस्तृत जानकारी दी।


धर्मशाला में भी स्थापित होगा बड़ा मिल्क प्लांट 

बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि धर्मशाला (Dharamshala) में भी एक बड़ा मिल्क प्लांट (Milk Processing Plant) स्थापित किया जाएगा। इससे कांगड़ा (Kangra), चंबा (Chamba), हमीरपुर (Hamirpur) और ऊना (Una) जिलों के दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलेगा।

इस प्लांट के माध्यम से इन जिलों के किसानों का दूध एकत्र कर उसका प्रसंस्करण (Processing) किया जाएगा।


नाहन और नालागढ़ में भी बनेंगे मिल्क प्लांट 

इसके अलावा लगभग 35.35 करोड़ रुपए (₹35.35 Crore) की लागत से नाहन (Nahan) और नालागढ़ (Nalagarh) में भी नए मिल्क प्लांट स्थापित किए जाएंगे।

वहीं रोहड़ू (Rohru), हमीरपुर (Hamirpur), ऊना (Una) और मौहल (Mohal) में चिलिंग प्लांट ) खोले जाएंगे, ताकि दूध को सुरक्षित रखने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने में मदद मिल सके।


सेब के बाद दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा 

बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि जिस तरह सेब बागबानी हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, उसी तरह अब दुग्ध उत्पादन (Dairy Sector) को भी मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में सेब बागबानी से लगभग 5000 करोड़ रुपए की आर्थिकी आती है। वहीं राज्य सरकार का लक्ष्य दुग्ध उत्पादन से होने वाली आर्थिकी को 2000 करोड़ रुपए तक (₹2000 Crore Dairy Economy) पहुंचाने का है।

इससे खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas) में रहने वाले किसानों और महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ  मिलेगा।


पहाड़ी क्षेत्रों में विदेशी नस्ल की गायों का पालन 

प्रशिक्षण शिविर में नेशनल डेयरी ट्रेनिंग बोर्ड के अधिकारी सत्यव्रत कोरे  ने बताया कि अब हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों ( में भी किसान विदेशी नस्ल की गायों  का पालन कर रहे हैं।

इससे दूध उत्पादन (Milk Yield) में वृद्धि हो रही है और किसानों की आय भी बढ़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *