देशभर में बुधवार को एससी/एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध किया जाएगा। भारत बंद’ के नाम से बुधवार को देशभर में हड़ताल का आह्वान किया गया है। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति और राजस्थान के एससी/एसटी समूह इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं।
नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन ने इसे दलित और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया है। बिहार में बंद का सबसे ज्यादा असर दिख रहा है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में इसको लेकर अलर्ट है। कांग्रेस, TMC, सपा, बसपा, RJD, झामुमो समेत कई दलों ने बंद का समर्थन किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 1 अगस्त को कहा था कि राज्य सरकारें अब अनुसूचित जाति, यानी SC के रिजर्वेशन में कोटे में कोटा दे सकेंगी। कोर्ट ने अपना 20 साल पुराना फैसला पलटकर नई व्यवस्था दी। तब कोर्ट ने कहा था कि अनुसूचित जातियां खुद में एक समूह हैं, इसमें शामिल जातियों के आधार पर और बंटवारा नहीं किया जा सकता।
पंजाब के फाजिल्का के बाजारों में भारत बंद को लेकर फिलहाल कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। आम दिनों की तरह बाजार खुले हुए हैं। स्कूल भी खुले हैं और यातायात भी जारी है। इस हड़ताल को लेकर एक पक्ष बंद का विरोध कर रहा है जबकि एक पक्ष में बंद का आह्वान किया है जिसके चलते पुलिस बड़ी संख्या में विभिन्न जगहों पर मौजूद है।
बिहार के सारण जिले में बहुजन दलित समाज के भारत बंद को लेकर बुधवार को पुलिस सुबह से ही अलर्ट मोड पर है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में ट्रैफिक एक्शन फोर्स एवं पुलिस बल की तैनाती की गई है। मुख्य मार्ग एवं शैक्षणिक संस्थाओं के पास पुलिस गस्ती कर रही है। गली मोहल्ले में बाइक से पुलिस गस्ती कर रही है। वहीं, रेल प्रशासन बंद को लेकर मुस्तैद है।
