Salary and allowances of MLAs in Himachal increased by 24%, now they will get Rs 2.80 lakh per month
shimla:
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhwinder Singh Sukhu) ने शुक्रवार को विधानसभा में हिमाचल प्रदेश लेजिस्लेटिव असेंबली( Himachal Pradesh Legislative Assembly) (अलाउंसेज एंड पेंशन ऑफ मेंबर) अमेंडमेंट बिल 2025 पेश किया, जिसे चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी बढ़ी
अब विधायकों को 2.80 लाख रुपये से ज्यादा मासिक वेतन (monthly salary) और भत्ते मिलेंगे, जबकि पहले यह राशि 2.10 लाख रुपये थी। बेसिक सैलरी (basic salary) भी 55,000 रुपये से बढ़ाकर 70,000 रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी भी बढ़ी,मुख्यमंत्री को अब 3.40 लाख रुपये मासिक मिलेंगे, जो पहले 2.65 लाख रुपये थी। विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्रियों की सैलरी(salary) 2.55 लाख से बढ़कर 3.30 लाख रुपये हो गई है।
हर 5 साल में बढ़ेगी विधायकों की सैलरी
सरकार ने अब यह तय किया है कि हर 5 साल बाद विधायकों की सैलरी ऑटोमैटिक (automatic) तरीके से बढ़ेगी। यह वृद्धि प्राइस इंडेक्स (priceindex) के आधार पर होगी। अगली बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2030 को होगी।
कुछ भत्ते खत्म भी किए गए
टेलीफोन भत्ता 15,000 रुपये रहेगा। बिजली eletricity और पानी बिल water bill भत्ता खत्म, अब विधायकों को खुद भुगतान करना होगा। पूर्व विधायकों का टेलीफोन भत्ता भी खत्म कर दिया गया है।
9 साल बाद हुई बढ़ोतरी
विधायकों की सैलरी आखिरी बार मई 2016 में बढ़ी थी। इसके 9 साल बाद अब यह बदलाव किया गया है। 2010: बेसिक सैलरी 15,000 रुपये थी, जिसे 30,000 रुपये किया गया, 2016: सैलरी बढ़ाकर 55,000 रुपये कर दी गई, 2025: अब बेसिक सैलरी 70,000 रुपये हो गई है।
विधायकों का सरकारी आवास असुरक्षित, नया भवन बनेगा
मुख्यमंत्री सुक्खू ने सदन में कहा कि विधायकों का सरकारी आवास (ओल्ड मेट्रोपोल) असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से आग्रह किया कि विधायकों को वहां आवास अलॉट न किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन को जल्द खाली करवाया जाएगा। 38 करोड़ रुपये की लागत से नया भवन बनाने की योजना है और जरूरत पड़ी तो 100 करोड़ रुपये तक खर्च किए जाएंगे।
121 साल पुराना मेट्रोपोल भवन कभी भी गिर सकता है
शिमला के मॉल रोड और सर्कुलर रोड के बीच स्थित 121 साल पुराना मेट्रोपोल भवन असुरक्षित हो चुका है। यहां रहने वाले विधायकों और कर्मचारियों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। कर्मचारियों को 10,000 से 15,000 रुपये तक किराए के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार इस मुद्दे पर तेजी से काम कर रही है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो और विधायकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
