बांग्लादेश में कर्फ्यू: बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। हिंसक प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को पुरे देश में कर्फ्यू लगा दिया गया। पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी करने और राजधानी में सभी सभाओं पर प्रतिबंध लगाने के बाद सत्तारूढ़ अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर ने पूरे देश में कर्फ्यू लगाने की घोषणा की। कई दिनों से चल रही घातक झड़पों के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शेख हसीना सरकार ने सैन्य बलों की तैनाती का आदेश दिया है। बांग्लादेश में शुक्रवार को न्यूज चैनल बंद रहे और दूरसंचार व्यापक रूप से बाधित रहा। हालांकि, मनोरंजन चैनलों का प्रसारण सामान्य रूप से जारी था। कुछ समाचार चैनलों पर संदेश चल रहा था कि वे तकनीकी कारणों से प्रसारण करने में सक्षम नहीं हैं।
शेख हसीना के इस्तीफे की मांग
ढाका में विरोध मार्च में शामिल होने वाले सरवर तुषार नाम के प्रदर्शनकारी को पुलिस की कार्रवाई में मामूली चोट आई है. फिर भी उनका कहना है कि ‘हमारा विरोध जारी रहेगा.” वह शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार है. वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने मध्य बांग्लादेश के नरसिंगडी जिले में एक जेल पर धावा बोलकर वहां आगजनी कर दी. इससे पहले उन्होंने कैदियों को जेल से छुड़वा लिया.
405 भारतीय लौटे वापस
बांग्लादेश में हिंसा से कई भारतीय छात्र भी प्रभावित हैं। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने बताया कि पड़ोसी मुल्क में फंसे 405 भारतीय छात्रों को बांग्लादेश से सुरक्षित निकाल लिया गया है। बांग्लादेश स्थित कई समाचार पत्रों की वेबसाइटें शुक्रवार सुबह अपडेट नहीं हो रही थीं और उनके इंटरनेट मीडिया हैंडल भी सक्रिय नहीं थे। यहां तक कि एसएमएस भी नहीं जा रहे थे। देश में केवल कुछ वायस कॉल काम कर रहे थे।
