पेरिस ओलंपिक में भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में मेडल नहीं जीत पाई. लेकिन फिर भी भारतीयों का दिल जीतने में जरूर सफल रह गई. बता दें कि 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में मनु चौथे नंबर पर रही, वैसे भारतीय शूटर एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी है.
इससे पहले मनु ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतने का कमाल किया था. मनु उसेन बोल्ट और माइकल फेलप्स जैसे महान एथलीट्स के श्रेणी में आने से चूक गईं. मनु एलिमिनेशनल राउंड के बाद चौथे नंबर पर रही
मनु भाकर के ऐतिहासिक परफॉर्मेंस के पीछे उनके कोच जसपाल राणा का बराबर हाथ है. टोक्यो ओलंपिक में जब मनु की किस्मत ने धोखा दिया तो भारतीय शूटर मेंटली काफी टूट गई थी. यही नहीं मनु खेल छोड़ने के बारे में सोचने लगी थी. लेकिन इस दौरान मनु ने भगवत गीता को पढ़ना शुरू किया, जिसने मनु को दुबारा हौसला दिया. तब मनु ने अपने पुराने कोच जसपाल को फोन किया और उन्हें ट्रेनिंग देने की बात की, मनु का कॉल आने के बाद जसपाल भी पिघल गए और उन्हें कोचिंग देने को राजी हो गए.
