कतर ने आठ भारतीय पूर्व नौ सैनिकों को रिहा कर दिया है। जो की जासू*सी के आरो*पों का सामना कर रहे थे। उन्हें मौ*त की सजा सुनाई गई थी। भारत के अनुरोध पर उनकी सजा को पहले ही कम कर दिया था और उम्रकैद में बदल दिया था। उन्हें रिहा कर दिया गया है यह अब विदेश मंत्रालय ने बताया और इनमें सात पूर्व नौसैनिक भारत भी लौट आए हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा,
“भारत सरकार कतर में हिरा*सत में लिए गए दहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत करती है। जिसमें से सात भारत लौट आए हैं। इन नागरिकों की रिहाई और घर वापसी को सक्षम करने के लिए हम कतर राज्य के अमीर के फैसले की सराहना करते हैं।”
बता दें कि
अलदहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज और कंसल्टेंसी सर्विसेज के साथ काम करने वाले पूर्व भारतीय नौसैनिकों को जासूसी और भ्रष्टाचार के एक मामले में कथित रूप से शामिल होने के लिए गिर*फ्तार किया गया था। भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कतर के साथ बातचीत कर उन्हें कानूनी मदद दी गई।
26 अक्टूबर को
कतर की एक अदालत ने उन आठ भारतीय नागरिकों को मौ*त की सजा सुनाई, जिन्हें अगस्त 2022 में गिर*फ्तार किया गया था। हालांकि, ना तो कतर एडमिनिस्ट्रेशन और ना ही भारत सरकार ने उन अधिकारियों के खिलाफ आरो*पों को सार्वजनिक किया। जब मौ*त की सजा की खबर ने वैश्विक सुर्खियां बटोरीं तो भारत ने फैसले को “चौंकाने वाला” बताया और मामले में सभी कानूनी विकल्प के साथ जाने का फैसला किया था।
