इंसान चाहे कितने ही उच्च पद पर आसीन क्यों ना हो जाए और उसकी जिंदगी में चाहे कितनी ही व्यस्तताएं क्यों ना हो जाएं लेकिन वो अपने शौक को पूरा करने के लिए समय निकाल ही लेता है। कुछ ऐसा ही करती हैं एचपीएस अधिकारी गीतांजलि ठाकुर। शिमला निवासी 2018 बैच की एचपीएस अधिकारी गीतांजलि ठाकुर को बचपन से ही चित्रकारी का शौक है और अपने इस शौक को पूरा करने के लिए समय निकाल ही लेती हैं। सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी में गीतांजलि ठाकुर द्वारा बनाई गई 250 से अधिक पेंटिंग्स की जब प्रदर्शनी लगी तो उनकी छुपी हुई प्रतिभा का सभी को पता चल पाया।
पेंटिंग का शौक है बचपन से
गीतांजलि मंडला आर्ट और फ्लूड ऐक्रेलिक प्रिंट आर्ट में चित्रकारी करती हैं। गीतांजलि ने बताया कि उन्हें बचपन से ही चित्रकारी का शौक है और इसकी बारीकियां उन्होंने कभी किसी से नहीं सीखी। मंडला आर्ट के डिजाइन वह पिछले पांच वर्षों से बना रही हैं। जब कभी ज्यादा तनाव हो जाता है तो माइंड को रिलैक्स करने के लिए चित्रकारी कर लेती हैं। पुलिस अधिकारी होने के कारण ड्यूटी का काफी ज्यादा प्रेशर रहता है लेकिन चित्रकारी के माध्यम से उस प्रेशर से निजात पा लेती हैं।
बैंक की नौकरी भी कर चुकी
गीतांजली ने बताया कि वह इससे पहले बैंक की नौकरी भी कर चुकी हैं। पुलिस में नौकरी ज्वाइन करने के बाद गीतांजलि ने करसोग में पहली मर्तबा डीएसपी की कुर्सी भी संभाली और बीते 3 वर्षों से यहां पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। एसपी मंडी सौम्या सांबशिवन और अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों सहित शहर के कई लोगों ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पेंटिंग की जमकर प्रशंसा की।
