जनजातीय क्षेत्र भरमौर में विकास की रफ्तार भी अजीब ही नजर आ रही है। यहां पर गाड़ियों के लिए सड़क पहले बन जाती है लेकिन पुल का निर्माण होता ही नहीं । ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत सिंयूर में भी सामने आया है। यहां पर एक इलाके के लिए सड़क तो बनकर तैयार हो गई है और उसको तारकोल डालकर पक्का भी कर दिया गया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि यहां पर गाड़ियों के लिए पुल बना ही नहीं । आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी लोग व गाड़ियां लकड़ी के पुल को क्रॉस कर आरपार जा रहे हैं। क्योकि यहां पर लोगों को आवाजाही के लिए बड़ा पुल नसीब नहीं हो पाया है। हालांकि विभाग की ओर से यहां पर सड़कों का जाल तो जगह-जगह के लिए बिछा दिया गया है लेकिन बिना पुल के सड़क किस काम की। आपको बता दे कि ग्राम पंचायत सिंयूर व ग्रीमा के लिए कई विधायक आए और चले गए लेकिन इस पुल की सूरत को आज तक बदलने वाला कोई भी नहीं मिला है । हालांकि वर्तमान विधायक डॉक्टर जनक राज ने इस पुल के मुद्दे को विधानसभा के पटल पर भी उठाया है लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। हैरानी की बात यह भी है कि जिस पंचायत में सड़कों का जाल चारों और बिछाया जा रहा है वहां पर पुल का निर्माण ना होने के कारण लोग भी परेशान है ।लेकिन यहाँ लोगो कि बात सुनने वाला भी कोई नहीं | कायदे से यहां पर पहले पुल का निर्माण होना चाहिए था, उसके बाद सड़क बनती तो लोगों को इससे सहूलियत भी मिलती। लेकिन यहां पर देखा जाए तो उलटी गंगा बह रही है। अब देखना यह होगा कि कब तक यहाँ पुल का निर्माण किया जाता है |
