Yug murder case: Family approaches High Court
SHIMLA: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में (Yug Murder Case) का परिवार 11 साल बाद भी न्याय की उम्मीद में है। युग के पिता (Vinod Gupta) ने (Himachal High Court) के फैसले को चुनौती देते हुए (Supreme Court) में (SLP – Special Leave Petition) दायर की है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है।

हाईकोर्ट का विवादित फैसला – 23 सितंबर 2025
हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए तीसरे आरोपी (Tejinder Pal) को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। जबकि अन्य दो दोषियों (Chandra Sharma और Vikrant Bakshi) की (Death Sentence) को (Life Imprisonment) में बदल दिया गया।
नीचे अदालत ने 5 सितंबर 2018 को चार साल के मासूम युग की हत्या में सभी तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए (Death Sentence) सुनाई थी। इस फैसले के बाद मामला (High Court) में पुष्टिकरण के लिए भेजा गया था।
अपराध का भयावह सच – 14 जून 2014
युग का अपहरण (Rambazar, Shimla) में हुआ था। जांच में पता चला कि आरोपियों ने युग को (Ram Chandra Chowk) के पास एक किराये के मकान में ले जाकर यातनाएं दी।
हफ्ते भर पीड़ित मासूम को तड़पाने के बाद आरोपियों ने उसे (Bharadi Municipal Water Tank) में जिंदा फेंक दिया।
22 अगस्त 2016 को (CID) ने Vikrant Bakshi की निशानदेही पर टैंक के अंदर और बाहर से युग की हड्डियां बरामद कीं। इसके बाद चंद्र शर्मा और तेजिंद्र पाल को गिरफ्तार किया गया।
परिवार की प्रतिक्रिया – न्याय की पुकार
विनोद गुप्ता ने कहा कि वह (High Court) के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि
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युग की हत्या में मुख्य आरोपी (Tejinder Pal) को ही बरी कर दिया गया।
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उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर तीनों आरोपियों को (Death Sentence) देने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि आरोपियों ने उनके बच्चे को पीटा और जिंदा (Water Tank) में फेंक दिया।
उन्होंने कहा, “(CID) ने इस मामले में बहुत मेहनत की, लेकिन हाईकोर्ट का निर्णय हमें संतोषजनक नहीं लगा। अब केवल (Supreme Court) से ही हमें न्याय मिलने की उम्मीद है।”
याचिका सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर ली है, लेकिन अभी मामले की सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है।

बाइट (Quote)
“तीनों आरोपियों ने मेरे बच्चे को तड़पाया और जिंदा टैंक में फेंक दिया। हाईकोर्ट का फैसला हमारे लिए न्याय नहीं है। अब हमें सुप्रीम कोर्ट से ही उम्मीद है।”
— (Vinod Gupta, Father of Late Yug)
