हिमाचल प्रदेश में अब कर्मचारियों का इंतज़ार खत्म हो गया है | लेकिन पेंशनरों की चिंता बरकरार है | दरअसल HRTC के लगभग 12 हजार कर्मचारियों को गुरुवार यानि बीते कल सैलरी मिल गई। राज्य सरकार ने बीते कल ही इनके वेतन के लिए 67 करोड़ रुपए जारी किए थे। मगर, परिवहन निगम के पेंशनर को पेंशन के लिए अभी दो से तीन दिन का इंतजार और करना पड़ेगा। इस बीच पूरे देश में HRTC कर्मियों की सैलरी पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
विपक्षी BJP इसे कांग्रेस की गारंटियों से जोड़कर अर्थव्यवस्था को खोखला करने से जोड़कर देख रही है। मगर सच्चाई यह है कि पूर्व भाजपा सरकार में भी HRTC कर्मचारी अनेकों बार सैलरी में देरी, ओवर टाइम, रात्रि भत्ता व नए वेतनमान के एरियर के लिए सड़कों पर उतरे हैं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार के छह महीने सिर्फ नाकामियों के लिए जाने जाएंगे। 10 गारंटियां देकर सत्ता में आई कांग्रेस की सुक्खू सरकार जनता के हितों को भूल गई है और 6 बोर्ड-निगमों में कर्मचारियों को सैलरी नहीं दी रही है। लोग आंदोलन की धमकी दे रहे हैं। सत्ता के अहंकार में चूर सरकार को इतना भी समझ नहीं आया कि इन कर्मचारियों के परिवारों का क्या होगा।
वहीं मुख्यमंत्री सुक्खू ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व BJP सरकार ने HRTC कर्मियों के ओवर टाइम और रात्रि भत्ते के लगभग 80 करोड़ का भुगतान नहीं किया। इन्हें नए वेतनमान का एरियर भी नहीं दिया। और उन्होंने सत्ता में आते ही HRTC कर्मचारियों को ओवर टाइम और रात्रि भत्ते के 4.50 करोड़ रुपए जारी किए। गुरुवार को सैलरी भी दे दी गई है। उन्होंने विपक्ष पर कांग्रेस सरकार को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया।
