चूड़ेश्वर महादेव शिरगुल देवता का स्थान है। जिला सिरमौर व शिमला जिला की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित होने के चलते यहां अब दिसंबर माह में बर्फ के गिरने का सिलसिला जारी रहता है। ऐसे में यात्रा करना बेहद कठिन और जोखिम भरा रहता है। इसी के चलते अब प्रशासन ने यात्रा पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। नौहराधार प्रशासन ने भी यात्रा न करने पर चौकसी बढ़ा दी है। साथ में श्रद्धालुओं से अपील की है कि कोई भी श्रद्धालु अब चूड़धार की यात्रा न करें।
बता दें कि जहां अब मंदिर के कपाट बंद हो गए हैं। वहीं समिति की ओर से लंगर व सरायं भी बंद हो चुकी है। यहां पर सुबह-शाम पुजारी पूजा अर्चना करेंगे। बाकी श्रद्धालुओं के लिए अब मंदिर बंद है। चूड़ेश्वर समिति के प्रबंधक बाबू राम शर्मा ने बताया कि दिसंबर महीने में चूड़धार में अत्याधिक बर्फबारी के चलते तापमान शून्य से नीचे रहता है। अब चूड़धार चूड़ेश्वर सेवा समिति की ओर से संचालित लंगर और सभी सराय बंद कर दी गयी हैं और अब अप्रैल में बैसाखी पर्व पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद ही मंदिर के कपाट खुलेंगे।
