दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 26 जुलाई तक बढ़ा दी है।
बता दें, मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत की अवधि 22 जुलाई को खत्म हो रही थी। इस कारण उन्हें आज कोर्ट में पेश किया गया। इससे पहले कोर्ट ने 15 जुलाई को सुनवाई करते हुए सिसोदिया को 22 जुलाई तक की कस्टडी में भेजा था। बता दें, दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पिछले साल फरवरी में गिरफ्तार गिया गया था।
मनीष सिसोदिया के वकील ने तर्क दिया कि वरिष्ठ आप नेता 16 महीने से जेल में हैं और केस आगे नहीं बढ़ रहा है. पिछले साल 30 अक्टूबर को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था, लेकिन कहा था कि अगर अगले तीन महीने में मुकदमा धीमी गति से आगे बढ़ता है, तो वह नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं.
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 30 अप्रैल को सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था, जो दूसरी बार रेगुलर बेल मांग रहे थे. जमानत देने से इनकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश में कहा गया था कि मामले की कार्यवाही में देरी काफी हद तक सिसोदिया के कारण ही हुई है. इसके बाद, दिल्ली हाई कोर्ट ने सिसोदिया को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि वह भ्रष्टाचार के मामले में जमानत देने के लिए ट्रिपल टेस्ट और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत आवश्यक दोहरी शर्तों को वो पूरा नहीं करते.
