कुल्लू–मंडी मार्ग ठप, वैकल्पिक सड़क भी जाम,बागवानों का करोड़ों का फल सेब बगीचों में सड़ रहा , मंडी सूनी

कुल्लू–मंडी मार्ग ठप, वैकल्पिक सड़क भी जाम,बागवानों का करोड़ों का फल सेब बगीचों में सड़ रहा , मंडी सूनी

Kullu-Mandi road is blocked, alternative road is also jammed, apple fruits worth crores of rupees of gardeners are rotting in the gardens, Mandi is deserted

Kullu: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में इस समय सेब का सीजन अपने चरम पर है, लेकिन खराब मौसम और लगातार भूस्खलन ने बागवानों और व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। कुल्लू–मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग और वाया कटोला वैकल्पिक मार्ग बार-बार भूस्खलन की चपेट में आ रहे हैं। पिछले दो महीनों से यही हालात बने हुए हैं, जिससे न सिर्फ परिवहन व्यवस्था ठप है बल्कि किसानों, बागवानों और आढ़तियों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

व्यापारी और आढ़ती सरकार से नाराज

कुल्लू के व्यापारी और आढ़ती लगातार सरकार और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि जब मुख्य सड़क बंद है, तो वैकल्पिक सड़क मार्ग को कम से कम दुरुस्त किया जाए। उनका कहना है कि सरकार किसानों को छोटे वाहनों से सेब भेजने की सलाह दे रही है, लेकिन यह विकल्प बेहद महंगा साबित हो रहा है।

एक ट्रक का किराया दिल्ली तक करीब 90 हजार रुपये आता है, जिसमें पांच जीप का सामान जाता है। लेकिन यदि बागवान जीपों में माल भेजते हैं तो प्रति जीप 30–40 हजार रुपये किराया देना पड़ता है। ऐसे में सेब के गिरे हुए दामों के बीच लागत निकाल पाना नामुमकिन हो गया है।

भुंतर मंडी सूनी, बागवानों का माल खराब

कुल्लू की सबसे बड़ी भुंतर सब्जी मंडी इन दिनों सूनी पड़ी है। ग्रामीण इलाकों से सड़कें बंद होने के कारण बागवान अपना माल मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे। जो किसान सेब और अनार मंडी ला भी रहे हैं, उन्हें औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है।

व्यापारियों का कहना है कि उनके कई ट्रक चार-चार दिन से बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। कई जगह माल खराब हो गया है और कुछ को दोबारा उतारकर रिपैक करना पड़ रहा है, ताकि बचा-खुचा माल किसी तरह बाजार तक पहुंच सके।

“भारी बारिश से कारोबार ठप”

भुंतर मंडी में काम कर रहे आढ़ती वीरेंद्र कुमार ने बताया कि भारी बारिश और सड़क मार्ग के बंद होने से कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। किसान खेतों से मंडी नहीं पहुंच पा रहे और व्यापारी भी यहां का रुख नहीं कर रहे। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो बागवानों के साथ-साथ व्यापारी वर्ग को भी करोड़ों रुपये का नुकसान होगा।

किसान बरचंद ने बताया कि बाहरी राज्यों की मंडियों तक सेब और अनार की खेप भेजना अब लगभग असंभव हो गया है। प्रशासन ट्रकों के बजाय जीपों से माल भेजने का सुझाव दे रहा है, लेकिन किराया इतना ज्यादा है कि लागत भी पूरी नहीं हो पा रही।

“सरकार गंभीर नहीं” – आढ़तियों का आरोप

भुंतर मंडी के आढ़ती घनश्याम का कहना है कि खराब मौसम से बगीचों में करोड़ों रुपये का सेब खराब हो रहा है। लेकिन प्रशासन सड़कों की बहाली को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा। इसका खामियाजा न केवल किसानों-बागवानों को बल्कि आढ़तियों, मजदूरों, ट्रक व जीप चालकों तक को भुगतना पड़ रहा है।

आढ़ती एसोसिएशन के सचिव सोहन लाल ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से सड़क की दुर्दशा बनी हुई है, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। वाया कटोला मार्ग पर महज 50 मीटर हिस्सा खराब है, जिसे दुरुस्त कर दिया जाता तो आज सेब के ट्रक आसानी से बाहरी राज्यों की मंडियों तक भेजे जा सकते थे।

नाकामी का खामियाजा किसान और व्यापारी भुगत रहे

कुल्लू–मंडी मार्ग पर बार-बार हो रहे भूस्खलन और वैकल्पिक मार्ग की अनदेखी ने सेब सीजन को प्रभावित कर दिया है। किसान और व्यापारी दोनों वर्गों का कहना है कि सरकार की नाकामी का सीधा खामियाजा उन्हें उठाना पड़ रहा है।

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