In Himachal Pradesh’s Hamirpur district, an uncle informed the police to get his nephew rid of drug addiction
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर Hamirpur जिले के भोरंज Bhoranj क्षेत्र में एक दिल को छूने वाली और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक ताया ने अपने भतीजे Nephew को नशे के दलदल में फंसा देख, उसे सुधारने के लिए पुलिस तक सूचना देने में कोई हिचकिचाहट hesitation नहीं दिखाई। यह कदम उन्होंने अपने भतीजे की भलाई के लिए उठाया, ताकि वह नशे की लत से बाहर निकल सके।
एक संघर्षमुक्त बचपन से नशे की ओर
महज सात वर्ष की उम्र में अनाथ होने वाले इस युवक को उसके ताया ने अपने परिवार में शामिल किया और उसे पढ़ाया-लिखाया। उसने आईटीआई (ITI) की पढ़ाई पूरी की और एक निजी कंपनी में नौकरी पाने के करीब था। लेकिन दुर्भाग्यवश, नशे की लत ने उसे चिट्टा तस्करी के काले कारोबार में धकेल दिया।
ताया का साहसिक कदम
जब ताया ने अपने भतीजे की नशे की हालत देखी, तो उन्होंने उसे सुधारने के लिए हर संभव प्रयास किया। लेकिन जब कोई उपाय नहीं कारगर हुआ, तो उन्होंने दिल पर पत्थर रखकर पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। यह कदम उन्होंने अपने भतीजे की भलाई के लिए उठाया, ताकि वह नशे की लत से बाहर निकल सके।
नशे की गंभीरता
यह युवक नशे की लत में इस कदर फंसा हुआ था कि वह एक माह में लगभग एक लाख रुपये का चिट्टा सेवन कर लेता था। इस नशे की जरूरत को पूरा करने के लिए वह तस्करी करता था। यह स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि वह तीसरी बार चिट्टे की भारी खेप के साथ पकड़ा गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी हर दिन चिट्टे का सेवन करता था और कई ग्राम चिट्टा एक दिन में सेवन कर लेता था, जिसके लिए वह तस्करी के रास्ते पर चल पड़ा।
नशे की रोकथाम की दिशा में कदम
पुलिस नशे की रोकथाम के लिए काउंसलिंग और अन्य प्रयास कर रही है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश सरकार ने ‘ड्रग फ्री हिमाचल’ एप लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से लोग गुप्त रूप से नशे की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। इस एप के माध्यम से सूचना देने वाले का नाम, मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस पुलिस को नहीं पता चलता, जिससे लोग निडर होकर सूचना दे सकते हैं।
