प्रदेश के सभी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल मंगलवार को भी जारी है। मरीजों को केवल आपातकालीन सेवाएं ही अस्पताल में मिल रही है। डॉक्टरों के हड़ताल पर होने से मरीज़ों को भारी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। कोलकाता रेप व हत्याकांड के बाद डॉक्टरों का आक्रोश रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में बीते 4 दिनों ने स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हुई हैं। ओपीडी में इलाज बन्द है ,मरीजों के नियमित ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं।
हॉस्पिटल में काम बंद करने से शुरू हुई डॉक्टरों की लड़ाई अब सड़कों तक आ गयी है। हिमाचल प्रदेश डॉक्टर एसोसिएशन ने मंगलवार को शिमला में IGMC से लेकर सचिवालय छोटा शिमला तक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है।
HMOA ने कहा है कि शिमला के सभी हॉस्पिटल के डॉक्टर मंगलवार को भी इमरजेंसी को छोड़ कर इलाज नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मंगलवार को IGMC , रिपन , KNH और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सभी डॉक्टर IGMC से लेकर छोटा शिमला तक शांति पूर्ण ढंग से विरोध मार्च करेंगे और उसके बाद अगली रणनीति तय करेंगे।
शिमला सहित प्रदेश के सभी अस्पतालों में रोजाना लोग उपचार के लिए पहुँच रहे है लेकिन ओपीडी में डॉक्टरों के नहीं बैठने से मरीजों को बिना उपचार के लिए वापस लौटना पड़ रहा। आपातकालीन वार्ड के बाहर कतारें लग रही हैं। बहुत से मरीजों को बिना इलाज के ही मायूस होकर वापस घर जाना पड़ रहा है।
