हिमाचल प्रदेश में आई आपदा से जान माल का भारी नुकसान हुआ है। प्रदेश में 12,000 से ज्यादा घरों को नुकसान हुआ है। वहीं केंद्र सरकार ने इस आपदा की घड़ी में हिमाचल को बड़ी राहत दी है और आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए घरो के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी है। हिमाचल के पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाया था। वहीं केंद्र सरकार ने 6500 घरों की मंजूरी दे दी है। अभी घर किसे दिए जाएंगे। इसके नियम जल्द ही तह किए जाएंगे।
इस बारे में क्या कहना है पंचायती राज मंत्री का
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश में आई आपदा से अब तक 10,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है और 12000 घर प्रतिग्रस्त हो गए हैं। जबकि 28 घर ऐसे हैं जो पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं। वहीं घरों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाया गया था और बीते दिन ही केंद्र सरकार ने 6500 घरों को मंजूरी दे दी है। अभी इसके नियम आने वाले हैं कि यह घर किसे दिए जाने हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा 6500 घरों की मंजूरी देने पर आभार जताया और कहा कि इस आपदा की घड़ी में ये काफी राहत है।
उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावितों को हर संभव मदद देने का काम कर रही है और मनरेगा के तहत भी लोगों को तुरंत प्रभाव पर ₹10,0000 राहत राशि के तौर पर दी जा रही है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने 15 अगस्त से मनरेगा की मजदूरी भी बढ़ा दी है। पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग को भी काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। इसके अलावा सड़कों भी क्षतिग्रस्त हुई है।
पंचायती राज मंत्री ने दिये नेता प्रतिपक्ष के सवालों के जवाब
वहीँ नेता प्रतिपक्ष द्वारा नुक्सान के बारे आकड़ो पर उठाए गए सवालों पर अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेश में बारिश से काफी नुक्सान हुआ है। और हर रोज नुक्सान का आंकड़ा बढ़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष खुद आंकलन करके अपनी रिपोर्ट दें । यदि उन्हें लगता है कि सरकार गलता आंकड़े पेश कर रही है तो वह खुद आंकलन कर आंकड़े सरकार को दे।
