ब्यास नदी में आई बाढ़ ने हज़ारो लोगों के आशियाने छीन लिए और सैकड़ों लोगों को गहरे जख्म दे दिए। करोड़ों रुपये के मकान में रहने वाले पलक झपकते ही सड़क पर आ गए हैं। ब्यास और पार्वती नदी में आई बाढ़ ने भुंतर के बड़ा भूईन में खूब कहर बरपाया। करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये से बने चार मंजिला मकान में रहने वाली सरिता शर्मा के अब दिन अब रिश्तेदारों के यहां कट रही हैं। पड़ोसी बलदेव राज वर्मा का भी यही हाल है। उनके एक करोड़ के घर का नामोनिशान नहीं है। सरिता शर्मा ने बताया कि कभी नहीं सोचा था कि उनके जीवन भर की कमाई इस तरह पानी में मिल जाएगी।
इस आपदा से उबरने में अभी उन्हें समय लगेगा। एक-एक ईंट कर जोड़ा मकान पल भर में ही ताश के पत्तों की तरह ढेर हो गया। सरिता शर्मा ने बजौरा स्थित अपने भाई के मकान में शरण ले रखी है जबकि दो माह के बच्चे के साथ बहू को मायके भेजा है। बेटा निजी कंपनी में नौकरी करता है। वह पहने हुए एक जोड़ी सूट के अलावा घर से कुछ भी नहीं निकाल पाईं। वहीं, पड़ोसी बलदेव राज के पुत्र हेम राज ने बताया कि घर का हर कीमती सामान एक पल में पानी हो गया। गहने, कपड़े और अन्य सामान के अलावा बच्चे की किताबें भी सब उफनती नदी में बह गईं। गौर हो कि दोनों का मकान पूरी तरह ध्वस्त होकर ब्यास में बह गया है।
