जिला कुल्लू में इन दिनों जहां मौसम आए दिनों खराब चल रहा है तो वहीं बीते सप्ताह चोज गांव में बादल फटने के बाद प्रशासन के द्वारा कैंपिंग पर भी रोक लगा दी गई है। जिससे यहां पर ट्रैकिंग का व्यवसाय भी खासा प्रभावित हुआ ह। ऐसे में एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग रखी कि यहां पर ट्रैकिंग गतिविधियों को शुरू करें। एसोसिएशन के महासचिव प्रवीण सूद का कहना है कि जुलाई और अगस्त माह में ही जिला कुल्लू के ट्रैकिंग रूट खुले रहते हैं और सितंबर माह में बर्फबारी का खतरा अधिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि यहां पर वन विभाग ने ट्रैकिंग रूट पर भी रोक लगा दी गई। जबकि बाकी जिला में प्रशासन के द्वारा ट्रैकिंग रूट जारी रखे गए है। ऐसे में यहां पर काफी ट्रैकिंग एजेंसियां भी प्रभावित हो रहा है।
प्रवीण सूद का कहना है कि जिला कुल्लू में 40 से अधिक ट्रैकिंग रूट है जो सैलानियों के लिए काफी सुरक्षित है। वही जुलाई व अगस्त माह के लिए ही उनका कारोबार खुला रहता है और बाहरी राज्यों से भी सैलानियों ने ट्रैकिंग के लिए एडवांस में बुकिंग करवा रखी है। उनका कहना है कि अगर ट्रैकिंग गतिविधियों को शुरू नहीं किया गया तो इससे उन्हें खासा नुकसान उठाना पड़ेगा।
वही, डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग का कहना है कि जिला में ट्रैकिंग रूट पर स्थापित कैंप साइट को नहीं हटाया जाएगा। यह वन विभाग पर निर्भर करेगा कि यदि कोई कैंप साइट नदी नालों, खड्ड और भूस्खलन जैसे खतरे वाले क्षेत्रों में पड़ती है तो विभाग उसे हटा सकता है। बीते दिन नदियों, खड्डों और नालों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला दंडाधिकारी के द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों के अनुसार नदी नालों, खड्ड और भूस्खलन वाले क्षेत्रों में स्थापित कैंप साइट को जल स्तर या बाढ़ जैसी स्थिति में खतरे को देखते हुए हटाने के आदेश जारी हुए हैं।
