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हिमाचल में बढ़ती कोरोना संक्रमण दर चिंताजनक

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मंकी पॉक्स से पैनिक करने की जरूरत नही, हिमाचल में अब तक कोई कनफर्म् केस नहीं मिला है 

हिमाचल में बढ़ती कोरोना संक्रमण दर चिंताजनक, बचाव ही एकमात्र उपाय

प्रतिदिन दो हजार से सत्तर हजार तक पहुंचा हिमाचल का बूस्टर डोज का आंकड़ा
                                                                                                                          : शुभाशीष पांडा
SHIMLA
 हिमाचल प्रदेश में कोरोना की लगातार बढ़ते मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सरकार ने लोगों से कोविड नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। वहीं, WHO ने कोरोना को हल्के में न लेने की चेतावनी दी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं, वह खुद को आइसोलेट करें ताकि लोगों को संकर्मित होने से बचाया जा सके।राज्य के  सभी DC और CMO को संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
 
 स्वास्थ्य सचिव सुभाशीष पांडा ने जानकारी देते हुए कहा कि हिमाचल में पिछले 15 दिनों में पॉजिटिविटी दर बढ़ गई है साथ ही एक्टिव केसेस की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है, यह दर्शाता है कि प्रदेश में करोना कि अगली लहर शुरू हो चुकी है। लोगों को करोना को मामूली सर्दी जुखाम खांसी समझने की भूल ना करें वर्ना जोखिम उठाना पड़ सकता है ऐसे में कोरोना से बचाव के दो ही तरीके हैं एक कोविड-19 नियमों की पालन करे और दूसरा वैक्सीनेशन।
 
 मौजूदा समय में प्रदेश में जो कोरोना का वेरिएंट चल रहा है, वह अत्यधिक संक्रामक है। जिस वजह से यह तेजी से फैल रहा है। इसलिए बचाव के लिए विभाग का पहला प्रयास ऐसे व्यक्ति की पहचान करके उसे आइसोलेट करने का है।
हिमाचल प्रदेश वैक्सीनेशन के पहले व दूसरे चरण में हिमाचल में शत प्रतिशत सफलता हासिल की थी और अब बूस्टर डोज में भी हिमाचल जल्द ही अपने सभी लोगों को वैक्सीनेट कर देगा इसके लिए विशेष तौर पर शुरू किए गए 75 दिन के अभियान के अंतिम 15 दिनों में ऐसे लोगों तक हर घर दस्तक के माध्यम से पहुंचा जाएगा।  हिमाचल में बूस्टर डोज का आंकड़ा दो हजार से सत्तर हजार प्रतिदिन पर पहुंच गया है।
 
 बता दें कि बीते कल तक प्रदेश में कोरोना के एक्टिव मामले 4053 तक पहुंच गए हैं, जिससे सरकार और विभाग की मुश्किले  बढ़ गयी है।

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