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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विद्या स्टोक्स से मिलने पहुचें ,आइए जानते है कौन है विद्या स्टोक्स

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प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री व पूर्व मंत्री विद्या स्टोक्स से उनके आवास ‘बोहमिया निवास’ निवास पर मुलाकात करने पहुचें ।


इस दौरान कांग्रेस के कई विधायक और राजनीतिक सलाहकार  मौजूद रहें। सलाहकार सुनील शर्मा के अलावा  विधायक चंद्र कुमार, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह, जगत सिंह नेगी, राजेश धर्माणी, सुंदर सिंह ठाकुर, इंद्र दत्त लखनपाल, कुलदीप पठानिया, रवि ठाकुर, केवल सिंह पठानिया, हरीश जनारथा और अन्य वरिष्ठ नेता भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे।

कौन है विद्या स्टोक्स? 
विद्या स्टोक्स हिमाचल कांग्रेस के कद्दावर नेता रहीं हैं। 11 मार्च, 1985 को हिमाचल प्रदेश विधान सभा की प्रथम महिला अध्यक्ष चुनी गई। उन्होने  25 दिसंबर, 2012 को हिमाचल प्रदेश के सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री के रूप में पद ग्रहण किया। वे 8 बार हिमाचल प्रदेश विधान सभा में सदस्य के रूप में निर्वाचित हुई। वर्ष 1982, 1985, 1990, 1998, 2003, 2007 और 2012 में निर्वाचित सदस्य रही है।

विद्या स्टोक्स का जन्म 8 दिसंबर, 1927 को शिमला जिले के कोटगढ़ में हुआ था। उनका विवाह प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सत्यानंद स्टोक्स के बेटे लाल चंद स्टोक्स से हुआ जो एक बाग़वान और सामाजिक कार्यकर्ता थे। कहा जाता है कि सत्यानंद के घर से प्रदेश में बागवानी और फलों की एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट का शुरुवात हुआ था। 

83 साल की उम्र में विद्या स्टोक्स  5 अगस्त 2010 को हॉकी इंडिया का अध्यक्ष चुनी गई। इसके अलावा विद्या स्टोक्स राष्ट्रीय स्तर और कांग्रेस पार्टी के लिए कई जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। 

 

वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी, 1976 की मनोनीत सदस्य थीं। उन्हें 1977 में  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। विद्या स्टोक्स 1980 के लोकसभा चुनावों के दौरान प्रदेश कांग्रेस की वित्त समिति की अध्यक्ष थीं। वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की पर्यवेक्षक थीं- सिक्किम, विधानसभा चुनाव, 1994, असम में कांग्रेस पार्टी का पुनः गठन, 1994, पंजाब विधान सभा, 1997 के चुनाव में विद्या स्टोक्स का अहम योगदान रहा। 

विद्या स्टोक्स ने अंतर्राष्ट्रीय महिला 1977 के दौरान कुआलालंपुर में आयोजित एशियाई महिला सहकारी सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक के निदेशक के रूप में काम किया। वे 1973 से 1974 तक दिल्ली बोर्ड में रही। उन्होने चार साल तक राज्य सहकारी संघ की अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उन्होंने सहकारी पत्रिका के संपादकीय बोर्ड में भी काम किया।

 

वे राष्ट्रीय किसान मंच की उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय किसान मंच की राज्य इकाई की अध्यक्ष हैं। वे नवंबर 1980 से 14 नवंबर 1984 तक HPMC लिमिटेड की वाइस-चेयरपर्सन भी रह चुकी है। उन्हे 1984, 1988, 1994 और 2003 में भारतीय महिला हॉकी एसोसिएशन की अध्यक्ष भी बनाया गया था।

 

उन्होंने कई अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारत की महिला राष्ट्रीय क्षेत्र के साथ स्पेन में आयोजित विश्व कप के दौरान हॉकी टीम में उन्हें स्काउट्स / गाइड्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ स्टेट फेडरेशन ऑफ वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंट स्काउट्स, (डब्ल्यूएफआईएस) जर्मनी के राज्य मुख्य आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है। वह हिमाचल प्रदेश की सबसे उम्रदराज विजेता हैं और उन्होंने वर्ष 2012 में आठवीं बार विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की है।

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