प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में उपलब्ध होगीं विश्व स्तरीय सुविधाएंः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला मण्डी के श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नेरचौक में एमबीबीएस चिकित्सकों के प्रथम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने प्रथम बैच के चिकित्सकों को इंटरनशिप सर्टिफिकेट प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों की मांग पर चिकित्सा महाविद्यालय में खेल मैदान तथा अतिरिक्त हॉस्टल का निर्माण करने के लिए महाविद्यालय प्रबन्धन को भूमि का चयन करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में चिकित्सकों को भी चुनौतियों से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों से निपटने के लिए कड़ा परिश्रम करना पड़ता है और मेहनत के बाद ही सफलता हासिल होती है। सरकारी क्षेत्र में रोजगार के सीमित अवसर होने के बावजूद राज्य सरकार चिकित्सकों को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में तकनीकी बदलावों के दृष्टिगत चिकित्सकों को नई तकनीक अपनाकर आगे बढ़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के चार चिकित्सा महाविद्यालयों शिमला, टांडा, नेरचौक, हमीरपुर में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने जा रही है। शिमला और टांडा चिकित्सा महाविद्यालयों में लेटेस्ट पैट स्कैन और सीटी स्कैन की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चिकित्सा महाविद्यालयों में विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी और राज्य सरकार इस पर गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। हमीरपुर में कैंसर का आधुनिक अस्पताल निर्मित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन का गठन किया है, जिससे सरकारी खरीद में पारदर्शिता आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पेयजल की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रयास कर रही है और प्रदेश की सभी पेयजल योजनाओं में चरणबद्ध तरीके से यूवी आधारित वॉटर प्यूरिफाइर की तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

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