Why is the government giving special concessions to arrested crusher owners?- Jairam Thakur
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) ने शिमला से जारी बयान में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मुख्यमंत्री के हलके नादौन से दो क्रशर व्यापारियों की गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री से स्पष्ट जवाब देने की मांग की। उन्होंने पूछा कि क्या इन गिरफ्तार व्यापारियों का मुख्यमंत्री से कोई संबंध है और अगर है, तो प्रदेशवासियों को इसके बारे में जानकारी दी जानी चाहिए।
खनन माफिया और सरकार पर गंभीर आरोप
खनन में भ्रष्टाचार के आरोप
जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खनन माफिया सरकार के संरक्षण में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के करीबियों और मंत्रियों पर खनन के जरिए भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मुद्दे को हंसी में उड़ा दिया था, लेकिन अब भ्रष्टाचार की जांच मुख्यमंत्री तक पहुंच गई है।
आपदा के दौरान क्रशर संचालन पर सवाल
उन्होंने कहा कि ब्यास बेसिन क्षेत्र में आपदा के दौरान सभी क्रशर बंद कर दिए गए थे, लेकिन गिरफ्तार क्रशर व्यापारी का कारोबार बेरोकटोक जारी रहा। इसके चलते व्यापारी ने अरबों रुपए कमाए, जबकि आम जनता को महंगे दामों पर निर्माण सामग्री खरीदनी पड़ी।
मुख्यमंत्री से जुड़े आरोप
मुख्यमंत्री की गाड़ी और कार्यालय का जिक्र
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि गिरफ्तार आरोपी मुख्यमंत्री की गाड़ी में बैठकर मुख्यमंत्री कार्यालय आया था। उन्होंने पूछा कि क्या यह एक महज संयोग था या इसके पीछे कोई साजिश है। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या इस आरोपी का उनसे कोई संबंध था।
नई खनन नीति पर सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने पुरानी खनन नीति को बदलकर नई नीति लाई, जिससे भ्रष्टाचार और घोटाले के रास्ते खुले। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रदेशवासियों के लिए आपदा में अवसर की तरह रही, जिससे केवल खास लोगों को फायदा हुआ।
जवाबदेही की मांग
मुख्यमंत्री से ईमानदारी से जवाब देने का आग्रह
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को जनता और विपक्ष के सवालों से भागना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इन सवालों के जवाब का इंतजार कर रही है और मुख्यमंत्री को अपनी निजी प्रतिष्ठा बचाने के लिए पूरी पारदर्शिता दिखानी चाहिए।
सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल
उन्होंने कहा कि सरकार के इस रवैये से प्रदेश के लोगों में निराशा और गुस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी शिकायतों और भ्रष्टाचार के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया।
निष्कर्ष
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ इन गंभीर आरोपों का जवाब दें। उन्होंने कहा कि इन सवालों का उत्तर न केवल जनता की जानकारी के लिए बल्कि सरकार की विश्वसनीयता के लिए भी आवश्यक है।
