कसौली के मशोबरा गांव निवासी जितेंद्र चंदेल को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जिसने कसौली के एक उद्योगपति को प्रधानमंत्री कार्यालय में कम कराने का लालच देकर उनसे लाखों रुपए ठग लिए। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए ठगी के आरोपी जितेंद्र कुमार चंदेल को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इससे पहले उसे पुलिस ने दो दिन की रिमांड पर लेकर उससे घटनाक्रम से जुड़ी पूछताछ की थी।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी प्रधानमंत्री कार्यालय के लेटरपैड वहां के अधिकारियों के नामों का दुरुपयोग के अलावा ईडी और आयकर विभाग के अधिकारियों के नामों का दुरुपयोग भी करता रहा है। उसने ईडी के डिप्टी डायरेक्टर की फर्जी सेलरी स्लिप के आधार पर देना बैंक से एक कार का लोन भी लिया था। उसने अब तक कुल मिलाकर एक करोड़ की धोखाधड़ी की है।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी प्रधानमंत्री कार्यालय के लेटरपैड वहां के अधिकारियों के नामों का दुरुपयोग के अलावा ईडी और आयकर विभाग के अधिकारियों के नामों का दुरुपयोग भी करता रहा है। उसने ईडी के डिप्टी डायरेक्टर की फर्जी सेलरी स्लिप के आधार पर देना बैंक से एक कार का लोन भी लिया था। उसने अब तक कुल मिलाकर एक करोड़ की धोखाधड़ी की है।
पुलिस थाना कसौली में 21 मार्च को धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इस माामले के नामजद आरोपी कसौली के मशोबरा निवासी जितेंद्र कुमार की जांच कराई गई। आरोपी के मोबाइल फोन, कंप्यूटर तथा अन्य दस्तावेजों का विश्लेषण करने पर पता चला कि आरोपी जितेंद्र कुमार चंदेल स्वयं को आयकर विभाग का डिप्टी कमिश्नर बताता था। वह विभिन्न विभागों व बैकों आदि से ई-मेल व अन्य माध्यमों से पत्राचार करके उन्हें अपना झूठा परिचय अनुचित लाभ हासिल करता था।
