Know at which place in Himachal the effigy of Ravana is not burnt
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले (Kangra )में के मंदिर में खीर गंगा घाट (Kheer Ganga Ghat in the temple) के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है. बहुत कम लोगों को मालूम है कि बैजनाथ (Baijnath)में आज भी दशानन रावण का मंदिर और कुंड मौजूद है. यहां लंका नरेश रावण (Naresh ravan)ने भगवान शिव (Lord Shiv)को प्रसन्न करने के लिए अपने नौ सिरों को काटकर कुंड में जला दिया था. शिव नगरी बेशक रावण को भूल गई, लेकिन भगवान शिव अभी भी अपने प्रिय भक्त रावण की भक्ति को नहीं भूल सकते.
लंकापति रावण की तपोस्थली रही बैजनाथ में इसका जीता-जागता उदाहरण दशहरा पर्व (Dussehra)है. जहां पूरे देश भर में दशहरे को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है और रावण, मेघनाथ के साथ कुंभकरण के पुतले जलाए जाते हैं. वहीं, बैजनाथ एक ऐसा स्थान है जहां दशहरे के दिन रावण का पुतला नहीं जलता. कहा जाता है कि अगर कोई रावण का पुतला जलाता है, तो उसकी मृत्यु हो जाती है
