पति मुख्यमंत्री तो पत्नी विधायक, हिमाचल विधानसभा में जुड़ा नया इतिहास

पति मुख्यमंत्री तो पत्नी विधायक

हिमाचल विधानसभा में एक नया इतिहास जुड़ गया है। विधानसभा में पहली बार पति -पत्नी एकसाथ बैठेंगे। इससे पहले हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पिता-पुत्र एकसाथ विधायक रहे है। सोमवार को शपथ ग्रहण करने के साथ ही देहरा से उपचुनाव जीतीं मुख्यमंत्री सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर विधानसभा की सदस्य बन गई है ।

बता दें कि वीरभद्र सिंह 2012 में शिमला ग्रामीण सीट से चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बने थे, जबकि 2017 के चुनाव में उन्होंने यह सीट बेटे विक्रमादित्य सिंह के लिए खाली कर दी थी और खुद अर्की विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और विक्रमादित्य सिंह दोनों ही चुनाव जीत गए थे। हालांकि सरकार कांग्रेस की नहीं बन पाई थी।

विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले तीनों विधायकों का शपथ ग्रहण सोमवार को हुआ । शपथ ग्रहण के साथ ही विधानसभा में एक बार फिर विधायकों की संख्या बढक़र 68 हो गई है । मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर ने देहरा में उपचुनाव के दौरान जीत हासिल की है।

देहरा से मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर ने 9399 वोटों से, नालागढ़ में कांग्रेस की टिकट पर हरदीप सिंह बावा ने 8990 वोटों और हमीरपुर में भाजपा की टिकट पर आशीष शर्मा ने 1571 वोट के अंतर से विधानसभा का चुनाव जीते हैं। तीनों निर्वाचित सदस्यों के शपथग्रहण के साथ ही सदन में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 40 और भाजपा के विधायकों की संख्या 28 हो गई है।

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