Nation Speaks

Ab Bolega Hindustan

सेब बागवानी में एच.पी.एम.सी. का महत्वपूर्ण योगदान: जगत सिंह नेगी

सेब बागवानी

सेब बागवानी में एच.पी.एम.सी. का महत्वपूर्ण योगदान: जगत सिंह नेगी

बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं विधायन निगम (एच.पी.एम.सी.) की स्वर्ण जयंती के अवसर पर सेब बागवानी में एच.पी.एम.सी. के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि एच.पी.एम.सी. की स्थापना 10 जून, 1974 को शिमला में की गई थी, जिसका उद्देश्य सेब एवं अन्य फल बागवानों के हितों की रक्षा, विपणन सुविधाएं, फल प्रसंस्करण एवं पोस्ट हार्वेस्ट सुविधाएं प्रदान करना था। गत 50 वर्षों में एच.पी.एम.सी. ने सेब बागवानी की उन्नति में उत्प्रेरक का काम किया है। उन्होने कहा कि एच.पी.एम.सी. फल प्रसंस्करण एवं पोस्ट हार्वेस्ट तकनीक के क्षेत्र में देश भर में पिछले 5 दशक से अग्रणी संस्थान है।

बागवानी मंत्री ने कहा कि निगम ने वर्ष 1980 में परवाणू में देश का पहला एप्पल जूस कंसंट्रेट संयंत्र स्थापित किया था। एच.पी.एम.सी. ने 1970 एवं 1980 के दशक में दिल्ली, मुंबई एवं चेन्नई में शीत गृहों तथा प्रदेश में 4 शीत गृहों (कोल्ड स्टोर) का निर्माण किया। इसके अतिरिक्त एच.पी.एम.सी. ने देश में पहली बार बोतलबंद जूस का उत्पादन एवं विपणन प्रारंभ किया।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि एच.पी.एम.सी. प्रतिवर्ष प्रदेश के लगभग 30,000 सेब बागवानों से मंडी मध्यस्थता योजना के अंतर्गत सी ग्रेड सेब की सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर खरीद कर परवाणू, पराला एवं जड़ोल (सुंदरनगर) स्थित अपने फल प्रसंस्करण संयंत्रों में एप्पल जूस कंसंट्रेट का उत्पादन करता है। इसके अतिरिक्त एच.पी.एम.सी. टेट्रा पैक जूस, जैम, स्क्वैश, एप्पल साइडर विनेगर एवं अचार आदि का उत्पादन भी करता है।

बागवानी मंत्री ने कहा कि एच.पी.एम.सी. सेब बागवानों को विश्वस्तरीय पोस्ट हार्वेस्ट तकनीक से लैस 10 ग्रेडिंग पैकिंग हाउस एवं 5 सी.ए. स्टोर की सुविधा उचित दरों पर उपलब्ध करवा रहा है। बागवानी मंत्री ने एच.पी.एम.सी. के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर एच.पी.एम.सी. के प्रबन्ध निदेशक सुदेश मोखटा तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *