Himachal government’s new initiative to improve power supply
हिमाचल प्रदेश में 14 वर्षों बाद फिर से बिजली बोर्ड (electricity board) के पुनर्गठन की योजना बनाई जा रही है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए एक नई बिजली कंपनी (new electricity company) बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसका उद्देश्य बिजली बोर्ड को आर्थिक रूप से सशक्त करना और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। कैबिनेट सब कमेटी (Cabinet Sub Committee) ने खर्च और आय के आधार पर इस प्रस्ताव को तैयार किया है, जिसे अंतिम निर्णय के लिए राज्य मंत्रिमंडल (State Cabinet) की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। नई कंपनी विशेष रूप से औद्योगिक इकाइयों को बिजली सप्लाई और शुल्क वसूली से जुड़े कार्य संभालेगी। वहीं, घरेलू और अन्य उपभोक्ताओं को सेवाएं पूर्व की भांति बिजली बोर्ड के माध्यम से मिलेंगी।
औद्योगिक विकास और बिजली दरों की चुनौती
राज्य में उद्योगों को दी जाने वाली बिजली की दरें पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक होने के कारण कई उद्योग पलायन की योजना बना रहे हैं। कुछ उद्योग निजी बिजली कंपनियों से बिजली खरीदने का भी प्रयास कर रहे हैं, हालांकि सरकार (Government) ने फिलहाल इस पर रोक लगाई हुई है। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, कैबिनेट सब कमेटी ने उद्योगों के लिए नई कंपनी बनाने का प्रस्ताव रखा है। नई कंपनी के संचालन के लिए बिजली बोर्ड के सक्षम अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया जाएगा। यह कदम न केवल उद्योगों की समस्याओं का समाधान करेगा, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास को भी गति देगा और बिजली बोर्ड को मजबूत बनाएगा।
