हिमाचल में रातभर मूसलाधार बारिश, कई इलाकों में लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने की घटनाएं

शिमला में भी बारिश ने तबाही मचाई। रामचंद्रा चौक के पास भारी भूस्खलन में तीन सरकारी आवास प्रभावित हुए। प्रशासन ने रात में ही करीब 35 से 40 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया। सुबह नेता प्रतिपक्ष भी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। उधर, छोटा शिमला के रिजेंसी होटल के पास देवदार का एक बड़ा पेड़ एक मकान की छत पर गिर गया। गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

Heavy rain in Himachal overnight, incidents of landslides and falling of trees in many parts of the country

हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक तेज बारिश का दौर जारी रहा। इसके चलते जगह-जगह लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन मंडी के जोगनी मोड़ और कैंची मोड़ के पास रातभर बंद रहा, जिसे मंगलवार सुबह 8:30 बजे वन-वे यातायात के लिए बहाल किया गया।

कई गाड़ियां मलबे और पेड़ों के नीचे दब गईं

 

शिमला में भी बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। अलग-अलग क्षेत्रों में चार से ज्यादा वाहन लैंडस्लाइड और पेड़ों के गिरने से क्षतिग्रस्त हुए, वहीं कई घरों को भी नुकसान हुआ। ISBT के पास पांजली में एक बड़ा पेड़ गिरने से कार के साथ घर का गेट और आंगन भी क्षतिग्रस्त हो गया। टूटीकंडी, विकासनगर और अन्य इलाकों में भी कई गाड़ियां मलबे और पेड़ों के नीचे दब गईं।

सबसे ज्यादा बारिश नगरोटा सूरियां में

पिछले 24 घंटों में कांगड़ा के नगरोटा सूरियां में सबसे अधिक 180.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा गुलेड़ में 161.2 मिमी, नादौन में 78.5 मिमी, देहरा में 76.2 मिमी, जोगिंद्रनगर में 74.0 मिमी और कांगड़ा में 73.8 मिमी बारिश हुई।

कांगड़ा-मंडी में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने मंगलवार को कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुधवार को कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि 14 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में भारी बारिश की संभावना है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा। 15 अगस्त से बारिश में कमी आने के आसार हैं, जबकि 16 और 17 अगस्त को मानसून और कमजोर होगा।

सामान्य से 10% अधिक बरसात

मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 10% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। 20 जून से 11 अगस्त तक औसतन 463.7 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 509.5 मिमी बारिश हो चुकी है।

कम बारिश हुई

शिमला में सामान्य से 69%, मंडी में 55%, बिलासपुर में 40%, हमीरपुर में 38%, कुल्लू में 39%, सिरमौर में 18%, सोलन में 25% और ऊना में 44% ज्यादा बारिश दर्ज की गई। वहीं, लाहौल-स्पीति में 68% कम, चंबा में 11% कम, कांगड़ा में 2% कम और किन्नौर में 1% कम बारिश हुई है।

ऑरेंज अलर्ट कब जारी होता है?

24 घंटे में 64.5–115.5 मिमी बारिश के पूर्वानुमान पर येलो अलर्ट, 115.6–204.4 मिमी पर ऑरेंज अलर्ट और 204 मिमी से अधिक बारिश की संभावना पर रेड अलर्ट जारी किया जाता है।

मानसून में भारी तबाही

इस सीजन में अब तक 229 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग लापता हैं। भारी बारिश से 2007 करोड़ रुपये की निजी और सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ है।राज्य में 499 मकान पूरी तरह ध्वस्त, 157 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, 311 दुकानें और 1,955 गौशालाएं भी नष्ट हुई हैं। इसके अलावा, 54 लैंडस्लाइड, 59 फ्लैश फ्लड और 30 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *