हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जल संकट गहरा गया है। शिमला में हो रही लगातार भारी बारिश से पानी की पेयजल परियोजनाओं में गाद भर गई है। जिसके कारण पानी की सप्लाई में भारी गिरावट आ गई है।इससे अब शहर वासियों की परेशानियां बढ़ने वाली है। क्योंकि बीते दिनों शहर में 44 एम एल डी पानी आने के बावजूद भी लोगों को कई क्षेत्रों में चौथे दिन पानी मिल रहा था।ऐसे में अब पानी मे गिरावट आ गयी है। इसको लेकर चिंता यह है कि क्या अब शहर वासियों को चौथे दिन भी पानी मिल पाएगा या नहीं।
शिमला को पानी की सप्लाई करने वाली कंपनी के मुताबिक शिमला के लिए पानी की सप्लाई करने वाली परियोजनाओं में भारी बारिश के कारण गाद आ गयी है । जिसके कारण पानी की क्वांटिटी में भारी गिरावट आ गयी है।गाद को हटाने का कार्य किया जा रहा है। एसजेपीएनएल के मुताबिक शिमला में बुधवार सुबह तक गाद के कारण महज 33.41 एमएलडी पानी ही मिल रहा है। जो बीते दिनों के मुकाबले 10 से 12 एम एलडी कम पानी है। बुधवार सुबह तक एसजेपीएनएल द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक शहर के बनी परियोजनाओं में गुम्मा से 19.55 , गिरी से 5.68 , चुरोट से 3.49 , सियोग से 1.12 , चैरह से 0.99 , कोटि ब्रांडी से 2.58 एमएलडी पानी प्राप्त हुआ है जो शिमला की आवश्यकता के मुकाबले काफी कम है ।
शिमला शहर वासियों की प्यास बुझाने के लिए रोजाना 40 एमएलडी की आवश्यकता है । पंरतु बीते दिनों शहर में 44 से 47 एम एल डी पानी का आने के बावजूद भी पानी की सप्लाई कई क्षेत्रों में चौथे दिन हो रही थी जिसके कारण कंपनी की कार्यप्रणाली पर पानी की राशनिंग को लेकर सवाल उठ रहे थे।
