हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब सो किलोमीटर की दूरी पर कुमारसैन में आज से डिजिटल फल मंडी ने काम करना शुरू कर दिया है। जिसका विधिवत् उदघाटन कुमारसैन के एसडीएम सुरेन्द्र मोहन द्वारा किया गया। इस मंडी की विशेषता यह है कि यहां पर अत्यधिक ग्रेडिंग पैकिंग मशीनों से फलों को पैक किया जाएगा, और उसके बाद बागवान चाहे तो एक छत के नीचे ही अपनी फसल को बेच सकता है।
यहां पर यह भी सुविधा है कि इस मंडी में बागवानो द्वारा अपना सेब बेचने के बाद पेमेंट की जिम्मेवारी फ्रुटेक्स कंपनी की होगी और 3 दिन के भीतर फसल का भुगतान बागवानों के लिए किया जाएगा। अगर कोई बागवान मौजूदा दरों से संतुष्ट न हो वह अपने फल को इसी मंडी में स्टोर कर सकता है। आधुनिक मशीनों से युक्त इस मंडी के लगने से खरीदारों व बागवानों के बीच पारदर्शिता बनी रहेगी। क्योंकि आधुनिक मशीनों में ग्रेडिंग व पैकिंग का कलर, साइज व वजन कंप्यूटराइज होगा।
बागवानों को उम्मीद है कि न्हें इस मंडी से लाभ मिलेगा। वहीं इसी तरह से देश के किसी कोने में बैठा फल व्यापारी ऑनलाइन बोली में हिस्सा लेकर अपनी जरूरत मुताबिक फल खरीद सकेगा।
एसडीएम कुमारसैन सुरेन्द्र मोहन ने बताया कि
फ्रुटेक्स एजैंसी ने आधुनिक तकनीकी से युक्त मशीनरी स्थापित की है। जिससे बागवानों व सेब खरीदारों को सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि आज बागवान भी संभावनाएं तलाश रहे थे। उनके लिए यह बेहतर विकल्प है। यदि बागवानों को घर द्वार पर फलों के अच्छे दाम मिलते हैं तो यह उनके लिए बेहतर है।
क्षेत्रीय प्रबंधन दिनेश नेगी ने बताया कि
हमने यहाँ पर आधुनिक मशीन स्थापित की है। जिससे बागवानों को एक ही छत पर सभी सुविधाएं मिलेगी। उन्होंने बताया कि बागवानों के सेब का यहाँ पर साइज, कलर व वेट कंप्यूटर के माध्यम से किया जाएगा। जो मशीन में बागवान स्वयं देख सकते हैं। बागवानों से धोखाधड़ी होने का भी कोई मामला नहीं रहेगा। बागवानों के सेब के पेमेंट की जिम्मेदारी कंपनी की रहेगी।
