Cloudburst causes massive destruction in Mandi, 3 dead, schools and colleges closed; CM and former CM express grief
शिमला/मंडी | 29 जुलाई 2025
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बीती रात भारी बारिश और बादल फटने से भारी तबाही मची है। मंडी शहर की जेल रोड और आसपास के इलाकों में फ्लैश फ्लड से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें पति, पत्नी और बेटा शामिल हैं। यह परिवार पूर्व पार्षद कृष्णा का था। एक महिला और एक बच्चा अब भी लापता हैं। प्रशासन ने मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है।
जेल रोड बनी तबाही का केंद्र, भारी नुकसान
जेल रोड और जोनल अस्पताल के आसपास के इलाकों में फ्लैश फ्लड के कारण 50 से अधिक वाहन मलबे में दब गए हैं या बह गए हैं। कई घरों में मलबा और पानी घुस गया है। एक महिला का शव गाड़ियों के बीच से बरामद किया गया है। अब भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। विक्टोरिया पुल के पास लैंडस्लाइड ने खतरा और बढ़ा दिया है।
सबसे अधिक बारिश मंडी में दर्ज
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, मंडी जिले में बीती रात से मंगलवार सुबह तक 198.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा है। इसके अलावा पंडोह (124.0 मिमी), कटौला (89.1 मिमी), देहरागोपीपुर (74.0 मिमी), नादौन व ऊना (72.0 मिमी) में भी भारी बारिश दर्ज की गई।
स्कूल-कॉलेज आज बंद
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सदर मंडी रूपिंदर कौर (IAS) ने मंडी सदर उपमंडल के सभी स्कूल, कॉलेज, डाइट और आंगनवाड़ी केंद्रों को 29 जुलाई के लिए बंद रखने के आदेश दिए हैं। यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34(ए) के तहत छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद, सड़कों पर मलबा
लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते चंडीगढ़-मनाली एनएच और पठानकोट-मंडी एनएच बंद कर दिए गए हैं। चंडीगढ़-मनाली मार्ग के 4 मील, 9 मील, दवाड़ा और झलोगी सहित कई स्थानों पर मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है।
धर्मपुर में भी तबाही, PWD ऑफिस चपेट में
मंडी के धर्मपुर उपमंडल में भी फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड से भारी नुकसान हुआ है। पीडब्ल्यूडी कार्यालय में आधी रात को मलबा घुस गया, जहां नाइट ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी फंस गए थे। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने इसे दुखद बताते हुए लोगों की सुरक्षा की कामना की है।
राहत कैंप और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि मंडी के बिपासा सदन में राहत शिविर लगाया गया है। बिजली विभाग, PWD और अन्य विभाग राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। एनडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं और फंसे लोगों को निकालने के लिए ऑटो और कारों को काटने का प्रयास चल रहा है।
CM सुक्खू और सांसद कंगना ने जताया दुख
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मंडी की घटना अत्यंत दुःखद है। दो लोगों की मौत हुई है और एक लापता व्यक्ति की तलाश जारी है। उन्होंने राहत कार्यों में तेजी लाने और सभी आवश्यक मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, मंडी से सांसद कंगना रनौत ने भी ट्वीट कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने लिखा कि “मंडी शहर की रात की बारिश ने भारी पीड़ा पहुंचाई है। कुछ नागरिक लापता हैं और कई वाहन व घर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।”
पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने किया दौरा
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी सदर क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है और प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की अपील: घरों में रहें सुरक्षित
नगर निगम मंडी के आयुक्त रोहित राठौर ने कहा कि यह घटना संभवतः बादल फटने की वजह से हुई है। उन्होंने बताया कि ऊपरी क्षेत्रों से भारी मलबा नीचे की ओर आया है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों से दूर रहें और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
मौसम विभाग का अलर्ट जारी
शिमला मौसम केंद्र ने 29 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट, और 30 जुलाई से 4 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया है। आगामी 3 घंटों में चंबा, हमीरपुर, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और कांगड़ा सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
आपातकालीन स्थिति में संपर्क करें:
स्थानीय प्रशासन, आपदा नियंत्रण कक्ष या 112 हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें।
सावधानी ही सुरक्षा है – सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
