बांग्लादेश में छात्रों का प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। बांग्लादेश में सरकारी नौकरी में आरक्षण खत्म करने और प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों के बीच भड़की हिंसा में अब तक 14 पुलिसकर्मियों समेत करीब 300 लोगों की जान चली गई है। हिंसा में हजारों लोग घायल हुए हैं।
बांग्लादेश में जारी हिंसा में 14 पुलिसकर्मियों समेत 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। वहीं, सैकड़ों घायल हुए हैं। इस बीच बांग्लादेश में तीन दिन के अवकाश का भी एलान कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी छात्र लगातार प्रधानमंत्री शेख हसीना का इस्तीफा मांग रहे हैं। आपको बता दें कि बांग्लादेश में हाल ही में पुलिस और छात्र प्रदर्शनकारियों के बीच हिसंक झड़पें हुईं हैं।
दरअसल, प्रदर्शनकारी छात्र विवादित आरक्षण प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके तहत बांग्लादेश के लिए वर्ष 1971 में आजादी की लड़ाई लड़ने वाले स्वतंत्रता संग्रामियों के परिवारों के लिए 30 प्रतिशत सरकारी नौकरियां आरक्षित की गईं हैं।
बांग्लादेश में फैली देशव्यापी हिंसा को लेकर सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर प्रदर्शनकारी यह जानलेवा प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं और उनकी सरकार से क्या मांगे हैं। दरअसल, बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों को लेकर आरक्षण कानून का प्रावधान है। बांग्लादेश में आरक्षण प्रणाली के तहत 56 फीसदी सरकारी नौकरियां आरक्षित हैं।
