पेपर लीक कांड को लेकर चल रहे मामले में अब हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग के मौजूदा कर्मचारियों के लिए आर्थिक और नौकरी के तौर पर मुसीबतें खड़ी हो गई है । मंगलवार को इन कर्मचारियों ने आयोग के दफ्तर के बाहर इकट्ठे होकर कहा कि वे आयोग के दफ्तर के सामने जंगल में बैठकर रोजाना आकर दिन काट रहे हैं और पिछले 2 महीनों से वेतन नहीं मिला है ना ही सरकार यह बता रही है कि उनके भविष्य का क्या होगा । चयन आयोग कार्यालय के बाहर बैठे कर्मचारियों ने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें इस समस्या से बाहर निकाला जाए और जल्द से जल्द उनका वेतन जारी किया जाए। साथ ही उनके भविष्य का क्या होना है इस बात को भी जल्द तय किया जाए ताकि उन्हें कोई राहत मिल सके ।
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में पेपर लीक होने के बाद प्रदेश सरकार के द्वारा इसे भंग कर दिया गया है, जिसके चलते आयोग में कार्यरत कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । हालत यह है कि जो कर्मचारी पिछले 2 माह में इस आयोग से रिटायर हुए हैं उनका भी कुछ भुगतान नहीं किया जा रहा है । हालत कितनी खराब है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस आयोग में काम करने वाले एक कर्मचारी के घर में परिवारिक सदस्य का हाल ही में निधन हुआ है और मुसीबत की इस घड़ी में उसे पैसों की सख्त जरूरत है, लेकिन बावजूद इसके उसका प्रोविडेंट फंड जरूरत पर नहीं निकल पा रहा है । 21 फरवरी 2023 को आयोग के दफ्तर पर ताला लगा देने के बाद कर्मचारियों को यहां ना आने के लिए कहा गया था, लेकिन कर्मचारी रोजाना दफ्तर के गेट के पास आते हैं कि कोई ना कोई फैसला हो जाएगा और कोई उनकी समस्या को समझेगा । कर्मचारियों का यह भी कहना है कि कुछ लोगों की गलती का खामियाजा उन सब लोगों को बेवजह मानसिक और आर्थिक रुप से भुगतना पड़ रहा है ।
आयोग कर्मचारी संघ के महासचिव जोगिंदर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछले 2 महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है परिवार को चलाना उनके लिए मुश्किल हो गया है इन दिनों अब स्कूल कॉलेजों में एडमिशन का समय है ऐसे में वेतन न मिलने से अपने बच्चों की एडमिशन कैसे करवाएंगे यही समस्या उन्हें खाए जा रही है । उन्होंने बताया कि एक कर्मचारी को अपना जीपीएफ निकलवाना है लेकिन वह भी नहीं निकल रहा है जो कर्मचारी रिटायर हुए हैं उनको भी उनके अब आखरी ड्यू नहीं मिल पा रहे हैं । आयोग के 61 कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है । उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें इस समस्या से बाहर निकाला जाए और जल्द से जल्द उनका वेतन जारी किया जाए उनके भविष्य का क्या होना है इस बात को भी जल्द तय किया जाए ताकि उन्हें कोई राहत मिल सके।
2 माह से नहीं मिला वेतन, जंगल में बैठकर काट रहे दिन
