‘मैथेमेटिक्स इन स्पेस एंड अप्लाइड साइंसेज’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का विधिवत समापन

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डीआरडीओ व राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के गणित विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ‘मैथेमेटिक्स इन स्पेस एंड अप्लाइड साइंसेज’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का विधिवत समापन हो गया सेमिनार में देश विदेश से आए गणित विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर अपनी प्रस्तुति दी । सेमिनार के दौरान 100 से अधिक शोध पत्र भी प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रोफेसर गजेंद्र प्रताप सिंह, तुर्की की डॉ. हैजल सहित डीआरडीओ, आईआईटी, आईआईएसईआर, एनआईटी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों से 200 से अधिक वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद मौजूद रहे । सत्र में यूनाइटिड, अरब, अमीरात से प्रो. जीपी राव ने भारतीय अंक गणित पद्धति के बारे में विस्तृत जानकारी रखी। उन्होंने भारतीय अंक गणित की महानता के बारे में बताते हुए कहा कि इसने विश्व के अन्य गणितज्ञों का भी मार्ग दर्शन किया।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन नई दिल्ली से डॉ. एसके पाल ने कहा कि अंतरिक्ष  प्रयोग में सुरक्षित संचार विषय पर अपने विचार प्रकट किए । उन्होंने कहा कि गणित का इस्तेमाल आज हर विषय में किया जा रहा है और अंतरिक्ष प्रयोग से संबंधित जीपीए सिस्टम के महत्व पर विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की  । उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिला में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का लाभ गणितज्ञों के साथ-साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को भी प्राप्त हो रहा है और भविष्य में भी इस तरह के सेमिनार को आयोजित किया जाएगा ।

जेएनयू नई दिल्ली के प्रोफेसर गजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस तरह के सेमिनार ओं के माध्यम से युवा गणितज्ञों को विषय से संबंधित नई जानकारियां प्राप्त होती है साथ ही आए हुए गणित विशेषज्ञों के द्वारा उनसे संवाद कर विषय ज्ञान की बढ़ोतरी होती है उन्होंने कहा कि आज के दौर में गणित के माध्यम से जटिल से जटिल समस्याओं के समाधान निकालने में मदद मिल रही है और बेहतर भविष्य के लिए गणित का उपयोग भी किया जा रहा है ।

तुर्की से आई गणित विशेषज्ञ डॉ. हैजल ने सेमिनार के आयोजन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तुर्की में अप्लाइड मैथमेटिक्स पर विशेष ज़ोर दिया जाता है और इस सेमिनार में उन्हें इस विषय पर अपने विचार प्रकट किए हैं । उन्होंने कहा कि वह पहली बार हिमाचल प्रदेश में आई है और यहां के अतिथि सत्कार के लिए सभी का धन्यवाद करती हैं।

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