दिल्ली में केजरीवाल सरकार नई एक्साइज पॉलिसी को लेकर घिरते दिख रही है। डिप्टी CM मनीष सिसोदिया के घर पर सुबह CBI की टीम आ धमकी और अपना काम शुरू कर दी है। CBI टीम दिल्ली की नई एक्साइज पॉलिसी की जांच के सिलसिले में सिसोदिया के सरकारी आवास (ए विंग दिल्ली सचिवालय) पहुंची है। सिसोदिया के अलावा तत्कालीन आबकारी आयुक्त अरवा गोपी कृष्ण के घर पर भी CBI की टीम ने छापा मारा है।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के कहने पर यह CBI जांच शुरू की गई है। मुख्य सचिव नरेश कुमार की रिपोर्ट में कहा गया था कि नई नीति के जरिए शराब लाइसेंसधारियों को फायदा पहुंचाया गया। रिपोर्ट में सीधे मनीष सिसोदिया का नाम लिया गया था। यह रिपोर्ट LG को सौंपी गई थी।
अपने आवास पर सीबीआई को देखकर मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करके जानकर दी और लिखा कि CBI घर पर आई है। उनका स्वागत है। हम कट्टर ईमानदार हैं। लाखों बच्चों का भविष्य बना रहे हैं। बहुत ही दुर्भाग्य कि हमारे देश में जो अच्छा काम करता है, उसे इसी तरह परेशान किया जाता है। इसीलिए हमारा देश नंबर वन नहीं बन पाया है। हम CBI का स्वागत करते हैं। जांच में पूरा सहयोग करेंगे, ताकि सच जल्द सामने आ सके। अभी तक मुझ पर कई केस किए, लेकिन कुछ निकला नहीं। इसमें भी कुछ नहीं निकलेगा। देश में अच्छी शिक्षा के लिए मेरा काम रोका नहीं जा सकता। ये लोग दिल्ली की शिक्षा और स्वास्थ्य के काम से परेशान हैं। इसलिए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और शिक्षा मंत्री को पकड़ा है, ताकि शिक्षा और स्वास्थ्य के काम रोके जा सकें। हम दोनों पर आरोप झूठे हैं। कोर्ट में सच सामने आ जाएगा।
बता दे कि 2020 में दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति लाई थी। और दिल्ली उपराज्यपाल के बिना मंजूरी लिए मई 2020 में सरकार विधानसभा में नई शराब नीति को पास करवाकर नवंबर 2021 से लागू कर दिया गया और आदेश भी जारी कर दिया गया था।
मुख्य सचिव नरेश कुमार की रिपोर्ट में कहा गया कि शराब नीति को लागू करने से पहले प्रस्तावित नीति को कैबिनेट के समक्ष रखना होता है। इसके बाद कैबिनेट से पास इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए उपराज्यपाल को भेजना होता है, लेकिन इस प्रोसेस को नहीं अपनाया गया है। रिपोर्ट में 4 नियमों को तोड़ने के आरोप लगे।
1. GNCTD अधिनियम 1991
2. व्यापार नियमों के लेनदेन (TOBR)-1993
3. दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम-2009
4. दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम-2010
