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जापान में रविवार को ही होंगे चुनाव “कुछ सरफिरों के कारण यह नहीं टलेंगे” 

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जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे शुक्रवार को दिन में 11:30 बजे देश के पश्चिमी हिस्से नारा में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी पीछे से उन्हें गोली मार दी गई| गोली लगने के बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी हुआ | बाद में अस्पताल में उनका निधन हो गया | गोली चलाने वाले 42 साल के संदिग्ध को पुलिस ने घटनास्थल से ही गिरफ़्तार कर लिया था | जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के मामले की जांच जापान की प्रीमियम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी नेशनल पुलिस एजेंसी करेगी। होम मिनिस्ट्री ने देर रात इस बारे में आदेश जारी कर दिए। शिंजो की हत्या के आरोप में मौके से गिरफ्तार 42 साल के यामागामी तेत्सुया ने हाल ही में नौकरी से इस्तीफा दिया था। नौकरी छोड़ने की वजह उसने थकान बताई थी। शिंजो आबे जापान के अपर हाउस के चुनाव के लिए रैलियां कर रहे थे, जहां उन पर हमला हुआ। आबे गंभीर बीमारी के चलते दो बार पीएम पद से इस्तीफा दे चुके थे।

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके सम्मान में एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है | ये राष्ट्रीय शोक शनिवार यानी 9 जुलाई को मनाया जाएगा | मोदी ने लिखा है, मैं अपने सबसे प्यारे दोस्तों में से एक शिंज़ो आबे के दुखद निधन से स्तब्ध और दुखी हूं | वह एक महान वैश्विक राजनेता, एक शानदार नेता और एक उल्लेखनीय प्रशासक थे | उन्होंने जापान और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया|

दूसरी तरफ शिंजो आबे की हत्या से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में साफ दिखाई देता है कि हत्यारे की पहली गोली मिसफायर हो गई थी। इसके बाद जैसे ही आबे पीछे मुड़े उन्हें दूसरी गोली लगी और वो वहीं गिर पड़े। सिक्योरिटी गार्ड ने तुरंत एक्शन लेते हुए हत्यारे को दबोच लिया।

जापान की अखबारों के मुताबिक, सबसे पहले जांच इस बात की होगी कि कहीं पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई लापरवाही तो नहीं हुई। इससे जुड़े तमाम सवाल जांच एजेंसी खंगालेगी। हत्या वाली जगह को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। माना जा रहा है कि अमेरिकी जांच एजेंसियां भी इस मामले में जापान की मदद कर सकती हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हथियार लेकर आरोपी शिंजो के ठीक पीछे पहुंच कैसे गया। उस वक्त आबे की सिक्योरिटी में मौजूद अफसर उस पर नजर क्यों नहीं रख पाए। अगर ये अफसर एक्टिव होते तो शिंजो पर निशाना लगा रहे आरोपी को दबोच सकते थे। जापान में रविवार को होने वाले चुनाव तय वक्त पर होंगे। इसकी जानकारी सरकारी सूत्रों ने दी है । उनका कहना है कि एक देश के तौर पर अगर हम चुनाव टालते हैं तो इसका मतलब यह होगा कि हमने चंद सिरफिरों के आगे घुटने टेक दिए। हर जरूरी और सख्त कदम उठाया जाएगा। सरकार अब हर आदमी और खासतौर पर VVIP की सुरक्षा पर नए सिरे से विचार करेगी।  पुलिस अफसर ने मुताबिक उनके पास कुछ बेहद सीक्रेट जानकारी आ चुकी है। शिंजो की हत्या के आरोपी यामागामी तेत्सुया ने 20 साल की उम्र में नेवी ज्वॉइन की थी। वो उस विंग में था, जहां उसके पास हथियार नहीं होते थे। 2005 में उसने नौकरी छोड़ दी थी। वो शुरू से नारा शहर के एक अपार्टमेंट में ही रहता था। उसके परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसने हाल ही में एक मैक्यूफैक्चरिंग कंपनी से रिजाइन किया था। इस कंपनी के मैनेजर ने कहा कि ऐसा कभी नहीं लगा कि राजनीति में उसकी कोई रुचि है या उसे किसी नेता से नफरत है।

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