जिला कुल्लू के मुख्यालय सरवरी के अशोक भवन में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इस दौरान जहां महिलाओं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। तो वहीं महिलाओं के अधिकारों के बारे में भी उन्हें विशेष रूप से जानकारी दी गई। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की जिला महासचिव ममता नेगी ने बताया कि आज भी महिलाओं की स्थिति कुछ ठीक नहीं है। लेकिन पहले के मुकाबले महिलाओं की स्थिति सुधर रही है। जनवादी महिला समिति भी लगातार महिलाओं की दशा को सुधारने की दिशा में काम कर रही है। ममता ने बताया कि महिला दिवस को मनाने की शुरुआत दुनिया में साल 1908 में न्यूयॉर्क में हुई थी और महिलाओ की एक रैली का इसमें अहम योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि इस साल न्यूयॉर्क में 12 से 15 हजार महिलाओं ने एक रैली का आयोजन किया था। इस रैली में भाग लेने वाली महिलाओं की मांग थी कि उनकी नौकरी के कुछ घंटे कम किए जाए। इसके साथ ही उन्हें वेतन भी उनके काम के मुताबिक दिया जाए। वही, महिलाओ की यह भी मांग थी कि उन्हें वोट देने का भी अधिकार मिले। इस आंदोलन के एक साल बाद अमेरिका के सोशलिस्ट पार्टी ने पहले अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की घोषणा की थी और उसके बाद साल 1911 में डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, जर्मनी में पहला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था। इसके बाद 8 मार्च, 1975 को संयुक्त राष्ट्र ने महिला दिवस को आधिकारिक तौर पर मान्यता दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में भी महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया जा रहा है और महिला सम्मान के खिलाफ भी जनवादी महिला समिति आवाज उठा रही है।
जनवादी महिला समिति ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
