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राजधानी शिमला के साथ लगते बड़ागांव सीवरेज प्लांट का गंदा पानी साथ लगते खड्डों में खुला छोड़ा जा रहा है जिससे खड्ड का पानी पूरी तरह से दूषित हो रहा है। इस खड्ड में पशु पानी पीते है और फसलों को भी इसी खड्ड से पानी दिया जा रहा है लेकिन पानी के दूषित होने से जहां फसलें खराब हो रही है वही पशु भी बीमार हो रहे है। गाय के पेट मे ही बच्चे मर रहे है। इसके साथ ही आसपास प्राकृतिक जल स्त्रोत भी दूषित हो रहे है। जिससे बीमारियाँ फैलने का खतरा बना हुआ है। हालांकि पिछले कई वर्षों से लोग जिला प्रशासन जल निगम से लेकर सरकार तक इसको लेकर शिकायत करते आ रहे है लेकिन किसी के कान पर जूं तक नही रेंग रही है। स्थानीय लोगो ने मंत्री अनिरुद्ध सिंह से इस गंदगी से राहत दिलाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लालपानी बड़ागांव के पास सीवरेज प्लांट है और उससे निकलने वाला गंदा पानी साथ लगती खड्ड में छोड़ा जा रहा है जिससे खड्ड का का पानी पूरी तरह से दूषित हो गया है। बड़ागांव सीवरेज प्लांट के द्वारा हर रोज बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी खड्ड में हर रोज डाला जा रहा है | पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या लगातार बनी हुई है। इस समस्या को जल प्रबंधन शिमला के सामने भी रखा था और विधायक अनिरुद्ध सिंह के सामने भी इस समस्या को रखा था लेकिन खाली आश्वासन के अलावा अभी तक ग्राउंड लेवल पर कोई भी कार्य नहीं हुआ है | उनका यह कहना था कि सीवरेज प्लांट के अपग्रेडेशन का काम चला हुआ है, परंतु 1 वर्ष बीत चुका है पर स्थिति आज वैसी ही बनी हुई है और स्थिति इतनी खराब है कि पूरे क्षेत्र का वातावरण बहुत दूषित हो चुका है जिसकी वजह से यहां कई पानी के चश्मे भी गंदे हो चुके हैं।
वहीं कसुम्पटी के विधायक और पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने कंपनी को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द यहां पर व्यवस्था सुधारी जाए और गंदा पानी खड्डों में ना जाने दे उन्होंने कहा कि सीवरेज प्लांट का गंदा पानी जाने से खड्डो का पानी दूषित हो रहा है जिससे वहां पर बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। इसको लेकर पहले भी जल प्रबंधन निगम सहित कंपनी को भी आगाह कर दिया है और यदि व्यवस्था ठीक नहीं की जाती है तो कंपनी प्रबंधन सहित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
