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आज गणेश चतुर्थी, जाने शुभ मुहूर्त,ये गलतियां भूल कर भी न करें

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31 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर गणेशजी की स्थापना और पूजा के लिए दिनभर में कुल 5 शुभ मुहूर्त रहेंगे। सुबह 11.20 बजे से दोपहर 01.20 बजे तक का समय सबसे अच्छा रहेगा, क्योंकि इस वक्त मध्याह्न काल रहेगा, जिसमें गणेश जी का जन्म हुआ था।भद्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पावन मनाया जाता है। गणेश महोत्सव का पर्व चतुर्थी तिथि से प्रारंभ होकर 10 दिनों तक चलता है। अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश को विदा किया जाता है। उदया तिथि के आधार पर 31 अगस्त को गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। इससे श्राप मिलता है।  31 अगस्त को सुबह 11 बजकर 05 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट के बीच भगवान गणेश की पूजा का शुभ मुहूर्त है। इस दिन रवि योग सुबह 05 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में शुभ कार्यों को करना अति उत्तम माना जाता है। 
 
पूजा की विधि 
1. चौकी पर स्वस्तिक बनाकर एक चुटकी चावल रखें।
2. उस पर मौली लपेटी हुई सुपारी रखें। इन सुपारी गणेश की पूजा करें।
3. इतना भी न हो पाए तो श्रद्धा से सिर्फ मोदक और दूर्वा चढ़ाकर प्रणाम करने से भी भगवान की कृपा मिलती है।

 
गणपति पूजा से जुड़ी ध्यान रखने वाली बातें
1. 
गणेश जी की मूर्ति पर तुलसी और शंख से जल नहीं चढ़ाना चाहिए।
2. दूर्वा और मोदक के बिना पूजा अधूरी रहती है।
3. गणपति के पसंदीदा फूल: जाती, मल्लिका, कनेर, कमल, चम्पा, मौलश्री (बकुल), गेंदा, गुलाब
4. गणपति के पसंदीदा पत्ते: शमी, दूर्वा, धतूरा, कनेर, केला, बेर, मदार और बिल्व पत्र
5. पूजा में नीले और काले रंग के कपड़े न पहनें।
6. चमड़े की चीजें बाहर रखकर पूजा करें और भगवान को अकेले कभी न छोड़ें।
7. स्थापना के बाद मूर्ति को इधर-उधर न रखें, यानी हिलाएं नहीं।

 
  हिन्दू मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान गणेश सभी के घर रिद्धि सिद्धि  लेकर आते हैं। आमतौर पर लोग घर, दुकान, ऑफिस और फैक्ट्रियों में गणपति की एक जैसी ही मूर्तियां स्थापित करते हैं। धर्मग्रंथ और वास्तु शास्त्र के जानकार को माने तो घर और वर्किंग प्लेस दोनों में एक जैसी प्रतिमाएं रखना ठीक नहीं है। सिद्धि विनायक रूप की मूर्ति घर में स्थापित करनी चाहिए। वहीं भगवान गणेश के विघ्नेश्वर रूप को ऑफिस और दुकानों में स्थापित करना चाहिए। वहीं महागणपति के स्थापना कारखानों के लिए शुभ मन जाता है।

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