हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में आए लगभग 4 महीनों का वक़्त बीत चुका है, वहीँ कांग्रेस सरकार में कैबिनेट बनने की बात करें तो लगभग 3 महीने का वक़्त बीत चुका है | कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले जनता से कई वादे किए थे या यूँ कहें कि 10 गारंटी जनता को दी गई थी। जिनमें से OPS को सबसे पहले पूरा किया जाने का एक और वादा था। हालाँकि पहली कैबिनेट में OPS पर चर्चा हुई यहाँ तक OPS को मंजूरी भी दे दी गई | जिसके बाद OPS के जारी होने की नोटिफिकेशन का इंतज़ार शुरू हुआ लंबे इंतज़ार के बाद नोटिफिकेशन आई और इसके बाद कहा गया कि OPS को लागू करने के लिए क्या नियम कानून या SOP होगी इसके लिए कर्मचारियों को इंतज़ार करना है।
और फिर SOP के बनने का इंतज़ार शुरू हुआ
सरकार के 100 दिन पुरे हुए तो एक बार फिर SOP पर जानकारी मिली | मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा OPS की SOP तैयार कर ली गई | लेकिन यह फिर भी साफ नहीं किया गया कि SOP कैसे बना या किस राज्य के फॉर्मूले को अपनाया गया है | कितने बदलाव हुए हैं या कितना पुराना सिस्टम रहेगा। अब कल एक बार फिर प्रदेश में कैबिनेट की मीटिंग होने जा रही है | बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में एक बार फिर OPS की SOP को लेकर चर्चा संभव है |
उम्मीद है कि कल यानि 13 अप्रैल को OPS की SOP पर स्थिति साफ़ हो सकती है | लम्बे समय से इंतज़ार कर रहे कर्मचारियों की नज़रें कल की कैबिनेट पर हैं | खासकर तब जब प्रदेश में NPS का शेयर कटना भी अब बंद हो चुका है | ऐसे में यदि कल होने वाली कैबिनेट में भी कुछ ख़ास निकल कर नहीं आता, तो कर्मचारियों में बनी असमंजस की स्थिति गहरा सकती है |
