हिमाचल प्रदेश में 3 दिन से तेल की सप्लाई नहीं आई है, जिससे 85% पेट्रोल पंप ड्राई हो गए हैं। शेष पंपों पर भी आज शाम तक का तेल बचा है। यदि सप्लाई नहीं आई तो तेल के लिए हाहाकार मचेगा। डीजल की कमी की वजह से सुंदनरगर में हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) डिपो सभी बस रूट बंद कर चुका है। कई जगह प्राइवेट बस ऑपरेटर भी हड़ताल पर चले गए हैं।
इससे लोगों को एक जगह से दूसरे स्थान पर आने-जाने में परेशानी हो रही है। प्रदेश में आज शाम तक HRTC की ज्यादातर बसें भी खड़ी हो जाएंगी। निगम के पास भी एक दिन का ही डीजल बचा है। ट्रक पहले ही खड़े हो गए हैं। तेल के बगैर लोगों के छोटे वाहनों के पहिए भी जल्द थम जाएंगे।
वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने दावा किया है सरकार तेल का प्रबंध करने में जुटी है। इस बीच शिमला, कांगड़ा, ऊना, सोलन आदि जगह तेल डालने के लिए मारामारी हो रही है। लोगों को कम मात्रा में तेल दिया जा रहा है। लोग गाड़ी में तेल डालने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे हैं।
बस-ट्रक ऑपरेटर भी हड़ताल के समर्थन में आए
इस बीच हिमाचल के प्राइवेट बस और ट्रक ऑपरेटर भी नए हिट एंड रन कानून के विरोध में हड़ताल पर बैठे ड्राइवरों के समर्थन में उतर आए हैं। ड्राइवरों की हड़ताल से प्रदेश में हालात खराब होते जा रहे हैं। निर्माण सामग्री सीमेंट, रेत, सरिया, बजरी और हार्डवेयर के सामान की सप्लाई दो दिन से बंद है।
गैस, पेट्रोल-डीजल की भी बीते 48 घंटे से प्रदेश में सप्लाई नहीं आई। अब राशन का स्टॉक भी धीरे-धीरे कम होने लगा है। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बहाल नहीं हो पाई तो कल से दैनिक उपभोग की खाद्य वस्तुएं दूध, दही, ब्रेड, मक्खन और सब्जियों की सप्लाई पर भी असर पड़ेगा।
