नेपाल की बागडोर एकबार फिर कम्युनिस्ट पार्टी के नेता केपी शर्मा ओली को सौंपी गई है। बता दें कि केपी शर्मा ओली को चौथी बार नेपाल का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल उन्हें पद की गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। सोमवार को उनका शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
नेपाल में लगातार राजनीतिक उथल-पुथल का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि रिपब्लिकन प्रणाली लागू होने के बाद पिछले 16 वर्षों में देश में 14 सरकारें आई हैं। अब नेपाल की सबसे बड़ी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता के पी शर्मा ओली को रविवार को चौथी बार नेपाल का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। वह एक नई गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेंगे, जिसके सामने इस हिमालयी राष्ट्र में राजनीतिक स्थिरता प्रदान करने की कठिन चुनौती है।
बता दें कि शुक्रवार को पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने प्रतिनिधि सभा में विश्वास मत खो दिया था। जिसके बाद संविधान के अनुच्छेद 76 (2) के अनुसार नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष ओली को नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 76-2 के तहत नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया। ओली संसद में सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के समर्थन से चौथी बार प्रधानमंत्री बने। जुलाई 2020 में ओली ने यह दावा किया था कि भारत ने राम को हड़प लिया है और असली अयोध्या नेपाल में है। ओली के इस दावे से भारत के असहज होने के बाद नेपाल के विदेश मंत्रालय को स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा था।
11 बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह
कम्युनिस्ट पार्टी के नेता केपी शर्मा ओली का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन के मुख्य भवन शीतल निवास में होगा। संवैधानिक जनादेश के अनुसार ओली को अब नियुक्ति के 30 दिनों के भीतर संसद से विश्वास मत हासिल करना होगा। दरअसल, केपी शर्मा ओली को 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में कम से कम 138 वोटों की आवश्यकता होगी।
