उपमंडल जवाली के अधीन 32 मील में फोरलेन कंपनी द्वारा खुदाई के मलबे को सड़क किनारे फैंक देने से मकान को खतरा बना हुआ है जोकि बरसात के मौसम में कहर बरपा सकता है। फोरलेन कंपनी द्वारा खनन मेटीरियल को 32 मील निवासी अनिल कुमार के घर के नजदीक फैंका गया है जिससे घर के दोनों ओर ऊंचे पहाड़ बन गए हैं। अनिल कुमार ने बताया कि परियोजना को संभालने वाली कंपनी द्वारा मिट्टी को डंपिंग साइट में फेंकने की बजाए मेरे घर के पास फैंक दिया गया है जिससे मकान को काफी क्षति हो सकती है। उन्होंने बताया कि थोड़ी सी बारिश होने पर मिट्टीयुक्त पानी घर के आंगन में आ जाता है | अगर बरसात तक इस मिट्टी को नहीं हटाया गया तो यह मलबा घर को नुकसान पहुंचाएगा।
गौरतलब है कि मार्च महीने में इसकी शिकायत एसडीएम जवाली को दी गई थी जिसके बाद आश्वासन भी मिला था कि खनन मेटीरियल को अतिशीघ्र हटा दिया जाएगा लेकिन आजतक न तो कंपनी का कोई कर्मचारी आया और न ही एसडीएम जवाली की ओर से कोई कार्रवाई अमल में लाई गई। अनिल कुमार का कहना है कि अगर मेरे मकान को कोई नुकसान हुआ तो उसके लिए प्रशासन व फोरलेन कंपनी जिम्मेवार होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खु व कृषि एवं पशुपालन मंत्री चन्द्र कुमार व डीसी कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल से मांग की है कि कंपनी द्वारा गलत तरीके से फैंके गए मलबे को जल्द से जल्द हटवाया जाए ताकि कोई अनहोनी न हो।
