द्रौपदी मुर्मू की जीत का जश्न शिमला में नाटी डाल मनाया

 एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति चुनाव में बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। जीत की ख़ुशी में बीजेपी पूरे देश में जश्न मना रही है। शिमला में भी बीजेपी महिला मोर्चा  ने रिज मैदान पर बारिश के बीच नाटी डालकर  और लड्डू बांटकर  जश्न मनाया। इस दौरान महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रश्मिधर सूद सहित अन्य महिला नेत्रियो ने पहाड़ी धुनों पर नाटी डाल कर द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी। इस दौरान भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रश्मिधर सूद ने कहा कि पहली बार आदिवासी महिला देश की प्रधानमंत्री बनी हैं। यह देश के लिए  गौरव की बात हैं। उन्होंने कहां की मोदी है तों सब मुमकिन हैं। देश व प्रदेश में महिला शक्ति स्थापित हुई है। महिला आज हर क्षेत्र में आगे हैं। उन्हें और उनके पूरे गाँव के लिए यह ऐतिहासिक क्षण हैं। अंतिम छोर पर बैठी महिला का राष्ट्रपति बनने से महिलाओं का मनोबल बढ़ा है। समाज  में अच्छे काम ईमानदारी के साथ करते रहें तों व्यक्ति किसी भी मुकाम पर पहुंचा जा सकता है।

द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति हैं । वे इस सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। गुरुवार को हुई काउंटिंग में NDA की प्रत्याशी द्रौपदी ने UPA के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को तीसरे राउंड की गिनती में ही हरा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने मुर्मू के घर पहुंचकर उन्हें बधाई दी। मुर्मू को जीत के लिए जरूरी 5 लाख 43 हजार 261 वोट तीसरे राउंड में ही मिल गए। थर्ड राउंड के बाद उन्हें 5 लाख 77 हजार 777 वोट मिले। यशवंत सिन्हा को 2 लाख 61 हजार 62 वोट ही मिले। इसमें राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों समेत 20 राज्यों के वोट शामिल हैं। देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू के चेहरे के आधार पर BJP ने विपक्षी एकता में बड़ी सेंधमारी की है। मुर्मू के पक्ष में 13 राज्यों के 119 विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने का दावा किया जा रहा है। खासतौर पर उन राज्यों में क्रॉस वोटिंग ज्यादा हुई है, जहां पर कांग्रेस सत्ता पक्ष या विपक्ष में है। इसके अलावा 17 सांसदों ने भी इस राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग की है। दिलचस्प यह है कि मुर्मू की जीत के जश्न को जिस तरह से देशभर में भाजपा मना रही है, यह भी एक बड़ा राजनीतिक मैसेज है। सबसे पहले विपक्ष की ओर से यशवंत सिन्हा के नाम का ऐलान राष्ट्रपति प्रत्याशी के तौर पर किया गया था। बाद में भाजपा ने ट्रंप कार्ड के तौर पर द्रौपद्री मुर्मू का नाम घोषित किया। मुर्मू आदिवासी समाज से आती हैं। द्रौपदी का नाम सामने आते ही विपक्षी एकता में फूट पड़ गई। सबसे पहले BJD और YSR कांग्रेस ने समर्थन देने का ऐलान किया था। उसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा ने समर्थन किया, जबकि झारखंड में कांग्रेस के साथ मिलकर हेमंत सोरेन सरकार चला रहे हैं। हरियाणा में राज्यसभा के बाद राष्ट्रपति चुनाव में भी क्रॉस वोटिंग हुई है। क्रॉस वोटिंग के कारण ही राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन चुनाव हार गए थे, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को जीत मिल गई थी। अभी तक कांग्रेस इस हार से उबर भी नहीं पाई थी कि देश के कई राज्यों में ‌BJP की आदिवासी महिला प्रत्याशी के नाम पर क्रॉस वोटिंग हुई है। इसमें ज्यादातर कांग्रेस के विधायकों की ओर से क्रॉस वोटिंग की खबरें आ रही हैं।

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