राजधानी शिमला में कोरोना फिर से पाव पसारने लगा है,बीते दिन जिला शिमला में एक व्यक्ति की मौत और 100 नए पॉजीटिव मामले सामने आए थे और अब मामलों का आंकड़ा 530 पहुंच गया है।
प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आइजीएमसी में डॉक्टर भी कोरोना की चपेट में आ रहे है। अस्पताल में दस डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं इसके अलावा अस्पताल में 17 कोरोना के मरीज उपचाराधीन है। जिनका इलाज मैक शिफ्ट अस्पताल में हो रहा है। अस्पताल में हर रोज हजारों लोग इलाज करवाने आते है ऐसे में कोरोना के मामले ओर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।वहीं अस्पताल प्रशासन का दावा है कि कोरोना से निपटने के लिए अस्पताल पूरी तरह से तैयार है।
आइजीएमसी के एमएस डॉक्टर जनकराज ने लोगो से कोरोना नियमो का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना के मामले अब दोबारा से बढ़ रहे है। ऐसे में लोगो को एहतियात बरतने की जरूरत है।अस्पताल में 17 मरीज उपचाराधीन हैऔर दस डॉक्टर भी कोरोना पॉजिटिव हो गए है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कोरोना से निपटने के लिए तैयार है और अस्पताल में 350 कोविड मरीजो के इलाज करने का प्रावधान है और यदि मामले बढ़ते है तो उससे निपटने के लिए भी तैयार है पिछले ढाई साल में आइजीएमसी अस्पताल में 5 हजार कोरोना मरीजो का इलाज किया गया है।उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार कोरोना इलाज तो कर सकती लेकिन कोरोना ज्यादा न फैले इसलिए लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है और कोरोना नियमो का पालन करे ताकि कोविड से बचा जा सके।
