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स्कूली छात्र का टूटा दांत, अभिवावक ने भिन्न धाराओं के तहत दर्ज कराया मामला 

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सोलन जिला  के परवाणु में एक अनोखा मामला सामने आया है। पुलिस थाना परवाणु में एक व्यक्ति ने अपने बेटे की स्कूल के खिलाफ धारा 336, 337, 504 भारतीय दंड संहिता व 75 किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अंतर्गत मामला दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा कनव सातवीं कक्षा का विद्यार्थी है। जो जेनियस स्कूल ( Genius School)  ऊंचा परवाणू शांत विहार सैक्टर 01 परवाणू में पढ़ता है।  23 नवंबर को स्कूल से इनकी पत्नी सपना को बताया गया कि कनव के स्कूल में खेलते हुए दांत टूट गए हैं।  जिसका सारा दोष कक्षा अध्यापिका ने कनव पर लगा दिया और कहने लगी कि बच्चे किसी की सुनते नहीं और हर समय अध्यापकों की जिम्मेदारी नहीं होती। 
 
 
कनव ने बताया कि रेस के दौरान दांत टूटा 
जब  कनव को स्कूल से घर लाया गया तो उसने बताया कि पी.टी. टीचर  सारे बच्चों से गेम पीरियड में रेस करवा रही थी।और रेस में भागने के दौरान वो दीवार से टकरा गया और  उसके सामने के दो पक्के दांत टूट गये ।
 पिता ने कहा स्कूल वालों की लापरवाही से कनक का दांत टूटा 
 कनक के पिता ने बताया कि इस तरह की रेस के लिए स्कूल के पास उचित माप-दंड का मैदान नहीं है । जहां रेस का एंडिंग पॉइंट रखा था वहां से एक फुट की दूरी पर दिवार थी । अगर बच्चा रेस जीतने की मंशा से बहुत तेजी से भागकर आ रहा हो तो उसकी सुरक्षा या रुकने के लिये कोई व्यवस्था नहीं थी । स्कूल वालों की लापरवाही की वजह से कनक के दीवार से टकराने की वजह से उसके सामने के दो पक्के दांत टूट गये ।
 
पेरेंट्स टीचर मीटिंग के दौरान प्रिंसिपल भीड़ पड़ी अभिभावक से 
कनक के पिता संजीव ने बताया कि वे अपनी पत्नी के साथ स्कूल में पेरेंट्स टीचर मीटिंग के गए थे उस दौरान  कक्षा अध्यापिका ने इनसे कोई बात नहीं की।  जब वे बात करने के लिए प्रिंसिपल कार्यालय विभा बंसल के पास गये ।  घटना के बारे पूछने पर वह गुस्से के साथ बातचीत करने लगी। और प्रिंसिपल ने  बदतमीजी से कहने लगी कि इनको टी. सी. देकर  बाहर निकालो। संजीव ने कहा कि विभा बंसल के हस्बैंड  इनके साथ धक्का-मुक्की की। 
स्कूल स्टाफ के कहने के बाद कनक को स्कूल भेजा लेकिन टीचरों ने उसे इगनोर किया, कनक तनाव में    
स्कूल के अन्य स्टॉफ के मनाने पर संजीव ने कनक को स्कूल भेजा। कनक स्कूल से आने के बाद उन्हें बताया कि कक्षा अध्यापिका ने उसे Assembly, Dance Classes और Games Period में जाने से मना कर दिया है और अकेले कक्षा में बैठने को कहा। और अनुचित व्यवहार किया। इन सब बातों से इनके बेटे का मनोबल तो टूट गया है जिससे वह तनाव का शिकार हो सकता है।
संजीव ने मामला दर्ज कराते हुए कहा कि उपरोक्त तथ्यों के आधार पर स्कूल प्रबन्धन के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

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