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बड़ी कंपनियों में कॉस्ट कटिंग, मंदी के दौर की आहट ?

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बुरा दौर है कि ख़तम होने का नाम नहीं ले रहा, कोरोना ने देश ही नहीं पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाई है जो एक लम्बे समय तक सँभालने का मौका नहीं दे रही | कई देश जिसमें भारत भी शामिल है ये कह रहे हैं कि अब सब ठीक है पर असल में सब ठीक नहीं | कोरोना के दौर में कई बेरोज़गार हुए जो अभी तक दोबारा नौकरी नहीं पा सके हैं | और अब टेक्नोलॉजी कम्पनियाँ पिछले 6 महीने से बुरे दौर में है जिस का असल कर्मचारियों के छंटनी द्वारा देखने को मिल रहा है | कई कंपनियां ये बोल चुकी हैं कि उनके हालत ठीक नहीं और मंदी का दौर एक बार फिर आने वाला है जिस लिए वो अपनी वर्कफोर्स कम करने का सोच रही हैं | दुनिया की कई बड़ी कंपनियां पिछले ३ महीनों में एक बड़ा हिस्सा कटौती कर चुकीं है जिसमें छंटनी भी शामिल है गूगल, अमेजन, एपल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, नेटफ्लिक्स और टेस्ला समेत टेक जगत की तमाम दिग्गज कंपनियां मंदी से निपटने की तैयारी कर रही हैं। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला ने जून में कैलिफोर्निया के सैन माटिओ स्थित एक फैसिलिटी को बंद करने के बाद ऑटोपायलट डिपार्टमेंट के 200 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। एलन मस्क खुद मंदी की आशंका जाहिर कर चुके हैं और साफ कह चुके हैं कि इससे जूझने के लिए छंटनी जरूरी है। उन्होंने कहा था कि अगले तीन महीने में करीब 10% वेतन पानी वाले कर्मचारियों की नौकरियां जा सकती हैं। टेस्ला के साथ 2021 के अंत तक दुनिया भर में 01 लाख कर्मचारी जुड़े हुए थे। OTT प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स भी कई राउंड में छंटनियां कर चुकी हैं। नेटफ्लिक्स ने सबसे पहले मई में 150 लोगों को नौकरी से निकाला। इसके बाद जून में कंपनी ने फिर से 300 कर्मचारियों की छंटनी की। कंपनी को बहुत से कारणों से सब्सक्राइबर्स के मामले में नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। हालाँकि नेटफिल्क्स कई तरह की सांझेदारियाँ करके खुद को बचाये रखने की कोशिश कर रही है 2 साल के कोरोनाकाल के समय में OTT प्लेटफार्म की बड़ी लोकप्रियता भी अब कई बड़ी OTT कम्पनिंयों के काम नहीं आ रही, गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने भी अपनी भर्ती की प्रक्रिया धीमी कर दी है। कंपनी के CEO सुंदर पिचाई ने बताया है कि दूसरी तिमाही में गूगल ने भले ही 10 हजार लोगों को भर्ती किया है, लेकिन साल के बचे हिस्से में इसे धीमा किया जाने वाला है। उन्होंने साफ कहा कि अन्य कंपनियों की तरह गूगल के ऊपर भी मंदी का असर होगा। अमेज़न जो दुनिया में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाली कंपनियों में से एक है ने कहा है कि महामारी के चलते लीव पर गए कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। जिससे कुछ ही दिनों में स्टाफ की जो कमी थी वह वह बहुत ज्यादा हो गई है। जिससे वर्कफोर्स ज़ायदा हो गयी है फिलहाल कंपनी ने छंटनी को ले कर कुछ नहीं कहा पर ऑफिस स्पेस के डेवलपमेंट को फिलहाल रोक रही है साथ ही साथ कई जगह पर कॉस्ट कट्टिंग शुरू कर दी गयी है | एपल ने अभी तक इस बारे में ऑफिशियल तौर पर कुछ नहीं कहा है। बस कंपनी आर्थिक मंदी से जूझने के लिए भर्तियां कम करने और कुछ डिवीजंस में खर्च घटाने की योजना पर काम कर रही है। फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने इंजीनियरों की भर्ती की योजना कम से कम 30% कम कर दी है। मार्क जुकरबर्ग ने कर्मचारियों से कहा है कि वह हालिया इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर में से एक की उम्मीद कर रहे हैं। इस साल मार्च के अंत तक सोशल मीडिया व इंटरनेट कंपनी के साथ करीब 78 हजार लोग काम कर रहे थे। माइक्रोसॉफ्ट ने मई में कर्मचारियों को बताया था कि वह विंडोज, ऑफिस और टीम ग्रुप्स में भर्तियां कम करने जा रही है, ताकि आर्थिक उथल-पुथल के लिए तैयार रहा जा सके। हाल ही में कंपनी ने कुछ कटौतियां भी की थी

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